








दर्पण न्यूज 24/7 | हल्द्वानी
जीएमएफएक्स ग्लोबल लिमिटेड के सीईओ पर मुकदमा दर्ज करने के निर्देश!
कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत सख्त, बोले—जनता का एक-एक पैसा लौटाया जाएगा!
हल्द्वानी। जीएमएफएक्स ग्लोबल लिमिटेड के खिलाफ बड़े स्तर पर निवेश धोखाधड़ी का मामला सामने आने के बाद कुमाऊं मंडलायुक्त दीपक रावत ने कंपनी के सीईओ के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में तत्काल मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। कमिश्नर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनता का एक-एक पैसा वापस कराया जाएगा और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
मामला कुसुमखेड़ा निवासी एक व्यक्ति की शिकायत से उजागर हुआ, जिसने मंडलायुक्त से कंपनी द्वारा धनराशि लेने के बावजूद पैसा वापस न करने की शिकायत की थी। इस पर मंडलायुक्त ने जीएमएफएक्स ग्लोबल लिमिटेड के सीईओ बिमल रावत को कार्यालय बुलाया, लेकिन संतोषजनक जवाब न मिलने पर प्रशासनिक अमले के साथ सतलोक कॉलोनी, फेज-6 (नियर रणवीर गार्डन) स्थित कंपनी कार्यालय में छापेमारी की।
छापेमारी के दौरान मंडलायुक्त ने कंपनी से संबंधित दस्तावेज, ट्रांजेक्शन विवरण और बैलेंस शीट मांगी, लेकिन सीईओ कोई भी वैध दस्तावेज या कंपनी पोर्टल पर ऑनलाइन डेटा प्रस्तुत नहीं कर सके। इसी दौरान 10 से 11 अन्य निवेशक भी मौके पर पहुंचे और अपनी जमा धनराशि वापस दिलाने की मांग की।
जांच में यह भी सामने आया कि कंपनी के नाम पर निवेश करने के बजाय सीईओ द्वारा व्यक्तिगत रूप से दो स्थानों पर जमीन खरीदी गई। सीईओ ने स्वीकार किया कि कंपनी पर करीब 3900 निवेशकों की देनदारी है। कंपनी के आईडीएफसी बैंक खाते में मात्र 42,455 रुपये और एचडीएफसी बैंक खाते में लगभग 50 हजार रुपये की राशि जमा पाई गई।
प्रारंभिक जांच के अनुसार, कंपनी ने 25 माह में पैसा दोगुना करने का लालच देकर करीब 8 हजार लोगों से लगभग 39 करोड़ रुपये जमा कराए। इतना ही नहीं, निवेश बढ़ाने के लिए मीडिएटर्स को इंसेंटिव देने की व्यवस्था भी की गई थी।
मंडलायुक्त दीपक रावत ने मल्टी लेवल मार्केटिंग/पिरामिड स्कीम, कंपनी एक्ट के उल्लंघन, कंपनी फंड के दुरुपयोग और पीड़ितों की शिकायतों को गंभीर मानते हुए तत्काल मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
इस दौरान सिटी मजिस्ट्रेट गोपाल चौहान, वित्त नियंत्रक सूर्य प्रताप सिंह सहित बड़ी संख्या में निवेशक मौजूद रहे। दर्पण न्यूज 24/7 इस मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है।
