स्वास्थ्य क्षेत्र का प्रमुख मॉडल बनेगा इंटीग्रेटिव वेलनेस मेडिसिन : बिष्ट।
दून मेडिकल कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर ने दी जानकारी
दर्पण न्यूज 24*7 संवाददाता!
हल्द्वानी।
दून मेडिकल कॉलेज के एसोसिएट प्रो. डा. एनएस बिष्ट ने रविवार को आईएमए सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम में संबोधित करते हुए कहा कि इंटीग्रेटिव वेलनेस मेडिसिन आने वाले वर्षों में स्वास्थ्य क्षेत्र का प्रमुख मॉडल बनेगा।
डा. बिष्ट ने अपने व्याख्यान में तेजी से बदलती जीवनशैली और तनावपूर्ण कार्यशैली से उत्पन्न बीमारियों के संदर्भ में स्वास्थ्य को बनाए रखने के उपायों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में चिकित्सा की दिशा पूरी तरह से बदलने वाली है, और नई चिकित्सा पद्धतियों में इंटीग्रेटिव और वेलनेस मेडिसिन को महत्वपूर्ण स्थान मिलने वाला है।
इस पद्धति में इलाज के साथ-साथ जीवनशैली, पोषण, मानसिक स्वास्थ्य और शरीर के संतुलन
पर समान ध्यान दिया जाता है। इंटीग्रेटिव मेडिसिन के महत्व को समझाते हुए डा. बिष्ट ने बताया कि इस मॉडल में मरीज की डाइट, नींद, तनाव और आदतों का व्यापक मूल्यांकन किया जाता है, और माइक्रो-न्यूट्रिएंट्स और इंफ्रलेमेशन पर विशेष ध्यान दिया जाता है। उन्होंने कहा कि दवाओं के साथ-साथ योग, पोषण, माइंडफुलनेस और वेलनेस थेरेपी का संतुलित संयोजन अत्यंत महत्वपूर्ण हो गया है। उन्होंने कहा विश्वभर में इस मॉडल को
अपनाया जा रहा है, खासकर अमेरिका और यूरोप के प्रमुख अस्पतालों में इंटीग्रेटिव मेडिसिन यूनिट्स तेजी से बढ़ रहे हैं। उन्होंने मानसिक तनाव कम करने की तकनीकें जैसे ब्रीदिंग थैरेपी और इम्यून थैरेपी का उल्लेख किया, जो कई बीमारियों को समय से पहले ठीक करने में सहायक हो रही हैं। खासकर कैंसर के मरीजों के लिए माइंडफुल ब्रीदिंग बेहद लाभकारी साबित हो रही है, और और यह तनाव और पेन मैनेजमेंट का हिस्सा बन चुका है।
