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दर्पण न्यूज 24/7 | देहरादून
ग्रामीण क्रांति की नई नींव: वीबी-जी राम जी अधिनियम से बदलेगा गांवों का भविष्य — सीएम धामी।
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी-जी राम जी अधिनियम) को ऐतिहासिक करार देते हुए कहा कि यह केवल मनरेगा का नाम परिवर्तन नहीं, बल्कि ग्रामीण रोजगार नीति की संरचनात्मक पुनर्रचना है। यह अधिनियम किसानों को सुरक्षा, श्रमिकों को रोजगार, महिलाओं को सम्मान और गांवों को मजबूती देकर विकसित भारत की नींव रखेगा।
मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वीबी-जी राम जी अधिनियम के तहत ग्रामीण परिवारों को अब 100 के बजाय 125 दिन का रोजगार अधिकार मिलेगा। साथ ही 15 दिन में काम न मिलने पर बेरोजगारी भत्ता अनिवार्य होगा और अधिकारियों की जवाबदेही तय की गई है। भुगतान साप्ताहिक होगा और देरी पर मुआवजे का प्रावधान भी रहेगा।
🔹 तकनीक से पारदर्शिता, भ्रष्टाचार पर सख्ती
सीएम धामी ने बताया कि योजना को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए बायोमेट्रिक हाजिरी, जियो टैगिंग, जीआईएस मैपिंग, मोबाइल ऐप, सार्वजनिक डैशबोर्ड, एआई आधारित फ्रॉड डिटेक्शन और साल में दो बार सोशल ऑडिट अनिवार्य किया गया है।
🔹 किसानों के हित सुरक्षित
खेती के बुवाई और कटाई के मौसम में अधिकतम 60 दिन तक योजना के कार्य रोके जा सकेंगे, जिससे मजदूरों की कमी न हो और खेती की लागत न बढ़े।
🔹 ग्राम सभा को असली ताकत
उन्होंने कहा कि इस अधिनियम में विकास कार्य ऊपर से नहीं थोपे जाएंगे, बल्कि ग्राम सभा स्वयं कार्यों का चयन करेगी। कम से कम 50 प्रतिशत कार्य सीधे ग्राम पंचायतों के स्तर पर कराए जाएंगे।
🔹 जल संरक्षण से आजीविका तक
योजना के तहत तालाब, चेकडैम, सड़क, नाली, स्कूल, अस्पताल, एसएचजी शेड, स्किल सेंटर, ग्रामीण हाट, रिटेनिंग वॉल, ड्रेनेज जैसे स्थायी और उपयोगी कार्य कराए जाएंगे, जिससे रोजगार के साथ गांव भी मजबूत होंगे।
🔹 महिलाओं पर विशेष फोकस
स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के लिए स्किल सेंटर, शेड निर्माण और ग्रामीण हाट विकसित किए जाएंगे, जिससे उन्हें गांव में ही रोजगार मिलेगा।
🔹 उत्तराखंड को मिलेगा 90% केंद्र सहयोग
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमालयी राज्यों के लिए केंद्र-राज्य वित्तीय अनुपात 90:10 रखा गया है। इससे उत्तराखंड जैसे आपदा-संवेदनशील राज्य पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा और विकास तेज़ होगा।
सीएम धामी ने बताया कि एसबीआई के विश्लेषण के अनुसार इस अधिनियम से राज्यों को करीब 17 हजार करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ होगा।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट और विधायक दिलीप रावत भी उपस्थित रहे।

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