तिरंगे की गरिमा से समझौता नहीं!
झंडा संहिता व राष्ट्रीय गौरव कानून के सख्त पालन के आदेश
दर्पण न्यूज 24/7 ब्यूरो
लखनऊ। राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा और सम्मान बनाए रखने को लेकर प्रशासन पूरी तरह सख्त हो गया है। भारतीय झंडा संहिता-2002 (वर्ष 2021 एवं 2022 के संशोधनों सहित) तथा राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम-1971 के प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश जारी किए गए हैं।
सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग, लखनऊ तथा जिलाधिकारी कार्यालय से प्राप्त निर्देशों के क्रम में शासन स्तर से सभी विभागों और संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट आदेश दिए गए हैं कि राष्ट्रीय ध्वज के उपयोग, प्रदर्शन और ध्वजारोहण से जुड़े नियमों का अक्षरशः पालन कराया जाए। साथ ही आमजन को जागरूक करने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
प्रशासन ने इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया के माध्यम से झंडा संहिता के नियमों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर जोर दिया है, ताकि नागरिक राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान एवं मर्यादा से जुड़े प्रावधानों से भली-भांति परिचित हो सकें।
प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि भारत का राष्ट्रीय ध्वज देशवासियों की आशाओं, आकांक्षाओं और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है, इसलिए इसका उपयोग निर्धारित नियमों के अनुरूप ही किया जाना अनिवार्य है।
आमजन के लिए प्रमुख दिशा-निर्देश
राष्ट्रीय ध्वज आयताकार होगा तथा लंबाई-चौड़ाई का अनुपात 3:2 रहेगा।
ध्वज को सदैव सम्मानजनक एवं पृथक स्थान पर फहराया जाए।
फटा, क्षतिग्रस्त या मैला-कुचैला ध्वज प्रदर्शित नहीं किया जाए।
किसी अन्य झंडे के साथ एक ही ध्वज-दंड पर राष्ट्रीय ध्वज न लगाया जाए।
निर्धारित गणमान्यों को छोड़कर किसी वाहन पर तिरंगा न लगाया जाए।
किसी अन्य झंडे या पताका को राष्ट्रीय ध्वज से ऊंचा या बराबर न रखा जाए।
संशोधित नियम भी जानें
वर्ष 2021 के संशोधन के अनुसार अब राष्ट्रीय ध्वज हाथ से काते-बुने या मशीन से निर्मित सूती, पॉलिएस्टर, ऊनी, सिल्क अथवा खादी के कपड़े से बनाया जा सकता है। वहीं वर्ष 2022 के संशोधन के तहत नागरिक अपने घर या प्रतिष्ठान पर राष्ट्रीय ध्वज को दिन और रात दोनों समय फहरा सकते हैं, बशर्ते उसकी गरिमा और सम्मान पूर्ण रूप से बनाए रखा जाए।
प्रशासन ने सभी विभागों को निर्देशित किया है कि राष्ट्रीय ध्वज से जुड़े नियमों के उल्लंघन पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि तिरंगे की मर्यादा हर हाल में सुरक्षित रहे।
