








“सियासत की महफ़िल में कुछ चेहरे खामोश कर दिए गए, वक्त की चाल ने फिर नए किरदार लिख दिए…”
दर्पण न्यूज 24/7!
मुख्य संवाददाता
देहरादून
उत्तराखंड की सियासत में भाजपा की नई प्रदेश कोर कमेटी ने कई मायनों में नए संकेत दे दिए हैं। भारतीय जनता पार्टी ने इस बार अपनी कोर कमेटी का आकार छोटा करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा और तीरथ सिंह रावत को कमेटी से बाहर कर दिया है। इसके साथ ही प्रदेश महामंत्रियों को भी कोर कमेटी में शामिल नहीं किया गया है।
कमेटी का आकार घटाकर 14 सदस्य किया गया!
भाजपा ने इस बार अपनी प्रदेश कोर कमेटी का आकार सीमित करते हुए कुल सदस्यों की संख्या 14 कर दी है, जो पिछली बार की तुलना में पांच कम है। पहले जहां पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश महामंत्री कोर कमेटी का हिस्सा थे, वहीं इस बार पार्टी ने नए संतुलन और रणनीति के तहत बदलाव किया है।
प्रभारी और सह प्रभारी बैठक से रहे दूर!
कोर कमेटी की बैठक में प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम और सह प्रभारी रेखा वर्मा विशेष आमंत्रित सदस्य होते हैं, लेकिन दोनों ही बैठक में शामिल नहीं हो सके।
इस पर प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने बताया कि दुष्यंत गौतम अन्य कार्यक्रम में व्यस्त थे, जबकि रेखा वर्मा पश्चिम बंगाल चुनाव ड्यूटी के कारण बैठक में नहीं पहुंच सकीं।
सरकार और संगठन के तालमेल पर नड्डा का जोर!
बैठक में पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाना संगठन की जिम्मेदारी है और कार्यकर्ताओं को इसमें सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने बताया कि बैठक में सरकार और संगठन के कार्यों की समीक्षा की गई और वर्षभर के कार्यक्रमों पर चर्चा हुई। साथ ही 2027 के विधानसभा चुनावों में बड़ी जीत हासिल करने के लिए कार्यकर्ताओं को अभी से जुटने का आह्वान किया गया।
ये नेता रहे बैठक में मौजूद!
जौलीग्रांट में आयोजित बैठक में कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे, जिनमें केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, सांसद अजय भट्ट, सांसद नरेश बंसल, सांसद कल्पना सैनी, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत और वरिष्ठ नेता मदन कौशिक शामिल रहे।
सियासी संदेश साफ — संगठन में नई रणनीति!
भाजपा की इस नई कोर कमेटी से यह स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि पार्टी आने वाले 2027 विधानसभा चुनावों को लेकर संगठनात्मक ढांचे में बदलाव कर नई रणनीति पर काम कर रही है। पुराने चेहरों को बाहर कर नए संतुलन के साथ पार्टी संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
राजनैतिक विश्लेषकों की मानें तो यह बदलाव उत्तराखंड की राजनीति में आने वाले समय के बड़े संकेत माने जा रहे हैं।
