








तितलियों की रंगीन दुनिया से रूबरू हुए विद्यार्थी, जैव विविधता संरक्षण का पढ़ा पाठ!
दर्पण न्यूज 24×7 |करन तिवारी रामनगर
रामनगर। ढेला इंटर कॉलेज के कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों ने रविवार को जिम्स जंगल रिट्रीट का शैक्षिक भ्रमण कर प्रकृति और जैव विविधता की अनूठी दुनिया को करीब से जाना। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने तितलियों की विभिन्न प्रजातियों, उनके व्यवहार, प्राकृतिक आवास और पारिस्थितिकी तंत्र में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में जानकारी हासिल की।
जिम्स जंगल रिट्रीट के नेचुरलिस्ट के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने प्राकृतिक परिवेश में नेचर वॉक की। इस दौरान उन्हें बताया गया कि तितलियां केवल प्रकृति की सुंदरता बढ़ाने वाली जीव नहीं हैं, बल्कि परागण की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के साथ ही पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में भी अहम योगदान देती हैं।
विद्यार्थियों को क्षेत्र में पाई जाने वाली विभिन्न तितली प्रजातियों की पहचान कराई गई। इनमें कॉमन क्रो, लाइम बटरफ्लाई, कॉमन ग्रास येलो, स्ट्राइप्ड टाइगर, कॉमन पायरेट, कॉमन वांडरर, कॉमन फोर-रिंग, पीकॉक पैंसी और प्लेन टाइगर प्रमुख रहीं। विद्यार्थियों ने तितलियों को उनके प्राकृतिक आवास में देखकर उनकी पहचान और व्यवहार को समझने में विशेष रुचि दिखाई।
बताया गया कि जिम्स जंगल रिट्रीट परिसर में अब तक 105 से अधिक तितली प्रजातियां दर्ज की जा चुकी हैं, जबकि आसपास के क्षेत्र में करीब 150 प्रजातियों की मौजूदगी दर्ज हुई है। विद्यार्थियों को इस जैव विविधता को संरक्षित रखने और प्राकृतिक आवासों के संरक्षण के महत्व के बारे में भी जानकारी दी गई।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से कार्बेट पार्क के प्राकृतिक वातावरण, वन्यजीवों और जैव विविधता के बारे में भी जानकारी हासिल की। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ प्रकृति को प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर देना तथा उनमें वन्यजीवों और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता विकसित करना रहा।
भ्रमण में अंग्रेजी प्रवक्ता नवेंदु मठपाल, जेजेआर के प्रकृतिविद मोहन चंद्र जोशी, गौरव धोत्रे, जीवन रौतेला और लवकुश सैनी मौजूद रहे।
