“लाखों की जिंदगी संभालने वाली 108 खुद बीमार— लालकुआं में एंबुलेंस सेवा की हालत बदहाली की हद तक पहुँची”।
लालकुआँ (नैनीताल)।
क्षेत्र की जीवनदायिनी कही जाने वाली 108 एंबुलेंस सेवा आज खुद इलाज के मोहताज हालात में पहुंच गई है। लालकुआं की यह एंबुलेंस, जो लाखों की आबादी को आपात स्थिति में जीवनरक्षक सहायता देने का दावा करती है, लंबे समय से खराब हालत में चलते-चलते अब पूरी तरह जर्जर हो चुकी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार मरीजों को अस्पताल पहुँचाने में देरी सिर्फ इसलिए हो जाती है क्योंकि एंबुलेंस तकनीकी खराबी, टायर घिसने, उपकरणों की कमी या बार-बार आने वाली मशीनरी दिक्कतों से जूझती रहती है। एंबुलेंस के अंदर मौजूद स्ट्रेचर, ऑक्सीजन सिलेंडर और अन्य जरूरी मेडिकल उपकरण भी ठीक स्थिति में नहीं हैं, जिससे गंभीर मरीजों के जीवन पर खतरा बढ़ जाता है।
हालात इतने खराब हैं कि कई मौके पर ड्राइवर और ईएमटी स्टाफ खुद वाहन को धक्का लगाकर स्टार्ट करने को मजबूर हो जाते हैं। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लोग इस बदहाल व्यवस्था को लेकर गहरी नाराजगी जता रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग से तत्काल संज्ञान लेकर एंबुलेंसों की मरम्मत या नए वाहनों की व्यवस्था किए जाने की मांग की है, ताकि आपातकालीन सेवाओं पर निर्भर मरीजों का जीवन जोखिम में न पड़े।
