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होली से पहले गहराया‘नशे का रंग’

लालकुआं में अपनी ही सरकार के खिलाफ धरने पर बैठे भाजपा के पूर्व विधायक!
दर्पण न्यूज 24/7 | विशेष संवाददाता
देवभूमि को “ड्रग्स फ्री” बनाने के सरकारी दावों के बीच उत्तराखंड की लालकुआं विधानसभा से ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने सत्ता और सिस्टम दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि सत्तारूढ़ दल के ही वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक नवीन दुम्का को अवैध नशे के खिलाफ धरने पर बैठना पड़ा।
होली के रंग बाजार में सज चुके हैं, लेकिन लालकुआं की गलियों में चर्चा गुलाल की नहीं, बल्कि नशे के फैलते कारोबार की है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में अवैध नशीले पदार्थों की उपलब्धता तेजी से बढ़ी है और युवा पीढ़ी इसकी चपेट में आ रही है।
स्थिति राजनीतिक रूप से इसलिए भी असहज मानी जा रही है क्योंकि क्षेत्र के वर्तमान विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट भी सत्ताधारी दल से ही हैं। ऐसे में अपनी ही सरकार के कार्यकाल में पार्टी के वरिष्ठ नेता का सड़क पर उतरना प्रशासनिक दावों और जमीनी हकीकत के बीच अंतर को उजागर करता दिखाई दे रहा है।
“बुरा न मानो होली है… पर सवाल तो होंगे”
धरना स्थल पर मौजूद युवाओं और सामाजिक संगठनों ने साफ कहा कि “ड्रग्स फ्री देवभूमि” केवल नारा बनकर रह गया है। उनका आरोप है कि कार्रवाई छिटपुट होती है, जबकि नशे का नेटवर्क लगातार मजबूत हो रहा है।
राजनीतिक गलियारों में यह धरना एक संदेश के रूप में देखा जा रहा है—
जब सत्ता के अपने ही लोग विरोध में बैठ जाएं, तो समस्या केवल कानून व्यवस्था की नहीं, बल्कि व्यवस्था की प्राथमिकताओं की भी होती है।
होली जैसे सामाजिक सौहार्द के पर्व से ठीक पहले उठी यह आवाज सरकार के लिए चेतावनी मानी जा रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते कठोर कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में यह मुद्दा व्यापक जन आंदोलन का रूप ले सकता है।
रंगों का त्योहार दरवाजे पर है,
लेकिन लालकुआं पूछ रहा है—
“नशे का रंग आखिर कब उतरेगा?”
दर्पण न्यूज 24/7)