








“चाय की चुस्कियों से उठी चिंगारी, सल्ट के शिविर में सियासत की जंग भारी”
दर्पण न्यूज 24/7 | रामनगर
संवाददाता: करन तिवारी
अल्मोड़ा जिले के सल्ट क्षेत्र में आयोजित एक सरकारी शिविर उस समय सियासी अखाड़े में बदल गया, जब ‘चाय-पानी’ की व्यवस्था को लेकर उठी हल्की सी तकरार ने तीखी बहस का रूप ले लिया। जो कार्यक्रम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए था, वहीं कुछ देर में आरोप-प्रत्यारोप का मंच बन गया।
बुधवार, 18 फरवरी को “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के तहत न्याय पंचायत मछोड़ स्थित राजकीय इंटर कॉलेज में बहुउद्देशीय शिविर आयोजित किया गया था। विभिन्न विभागों के स्टॉल लगे थे, योजनाओं की जानकारी दी जा रही थी और ग्रामीण मौके पर ही पंजीकरण करा रहे थे। माहौल व्यवस्थित था—पर अचानक ‘चाय-पानी’ की व्यवस्था ने सियासी उबाल ला दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मामूली कहासुनी ने देखते ही देखते बहस का रूप ले लिया। जिला पंचायत सदस्य हंसा नेगी ने कार्यक्रम से जुड़े खर्चों पर सवाल उठाते हुए आरटीआई के आधार पर खरीद में अनियमितताओं के आरोप जड़ दिए। उनका कहना था कि दरी, ढोलक और अन्य सामान की खरीद में दिखाया गया खर्च वास्तविकता से कहीं अधिक है।
वहीं सल्ट के विधायक महेश जीना ने स्पष्ट किया कि कार्यक्रम स्थल के भीतर खाने-पीने की व्यवस्था पर प्रशासन ने आपत्ति जताई थी और इसे बाहर करने के निर्देश दिए गए थे। उनके अनुसार निर्देशों का पालन किया गया, लेकिन इसके बाद अनावश्यक रूप से विवाद को हवा दी गई।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो
में दिख रही तीखी बहस ने स्थानीय राजनीति में नई सरगर्मी पैदा कर दी है। चाय की चुस्कियों से शुरू हुआ यह प्रसंग अब सियासी गलियारों में गरमा-गरम बहस का विषय बन चुका है।
हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन इतना तय है कि सल्ट के इस शिविर में ‘सेवा’ से ज्यादा ‘सियासत’ की सुगंध महसूस की गई।
_दर्पण न्यूज 24/7 इस मामले पर अपनी नजर बनाए हुए
