

सात साल का इंतजार खत्म! फिर झील किनारे सजेगा सुरों और संस्कृति का महाकुंभ!
14-15 नवंबर को भीमताल में लौटेगी लेक कार्निवाल की रौनक, स्वाति भट्ट और किशन महिपाल की आवाज पर झूमेंगे लोग; लोक रॉक बैंड भी जमाएगा रंग!
भीमताल। सरोवर नगरी भीमताल एक बार फिर संगीत, संस्कृति और पर्यटन के रंगों में सराबोर होने जा रही है। सात साल के लंबे इंतजार के बाद यहां बहुप्रतीक्षित लेक कार्निवाल का आयोजन होने जा रहा है। आगामी 14 और 15 नवंबर को भीमताल का ऐतिहासिक डांठ सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, लोक संगीत और मनोरंजन का प्रमुख केंद्र बनेगा। इस आयोजन से न सिर्फ पुराने कार्निवाल की यादें ताजा होंगी, बल्कि पर्यटन नगरी में नई रौनक लौटने की उम्मीद भी जगी है।
कार्निवाल का सबसे बड़ा आकर्षण उत्तराखंड के लोक संगीत की दो लोकप्रिय आवाजें होंगी। 14 नवंबर को लोक गायिका स्वाति भट्ट और प्रसिद्ध लोक गायक किशन महिपाल अपनी प्रस्तुतियों से उत्तराखंड स्टार नाइट को यादगार बनाएंगे। वहीं, 15 नवंबर को बॉलीवुड नाइट में उत्तर भारत का चर्चित लोक रॉक बैंड अपनी शानदार प्रस्तुति से दर्शकों को झूमने पर मजबूर करेगा।
आयोजन की खास बात यह भी होगी कि मंच केवल बड़े कलाकारों तक सीमित नहीं रहेगा। पहले दिन स्थानीय कलाकारों और स्कूली बच्चों को भी अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर दिया जाएगा। इससे कार्निवाल में स्थानीय संस्कृति, युवा प्रतिभाओं और लोक कला को भी उचित स्थान मिलेगा।
पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान, स्थानीय कारोबारियों को उम्मीद
सात साल बाद हो रहे इस आयोजन को भीमताल के पर्यटन कारोबार के लिए भी अहम माना जा रहा है। उम्मीद है कि दो दिवसीय कार्निवाल में आसपास के क्षेत्रों के साथ ही दूसरे शहरों से भी पर्यटक पहुंचेंगे। इससे होटल, रेस्टोरेंट, टैक्सी, पैराग्लाइडिंग और स्थानीय व्यापार से जुड़े कारोबारियों को लाभ मिलने की संभावना है।
आयोजन को भव्य स्वरूप देने के लिए डांठ में आकर्षक मंच तैयार किया जाएगा। इसके लिए नगर के विभिन्न संगठनों और संस्थाओं को साथ जोड़ने की पहल की गई है। नगर पालिका, होटल एसोसिएशन, व्यापार मंडल और पैराग्लाइडिंग व्यवसाय से जुड़े लोगों सहित विभिन्न संगठनों का सहयोग लिया जाएगा।
तैयारियों को लेकर जुटने लगे नगर के लोग
कार्निवाल की तैयारियों को लेकर शुक्रवार को स्थानीय होटल में नगर के विभिन्न संगठनों और गणमान्य लोगों की बैठक आयोजित हुई। इसमें कार्यक्रम की रूपरेखा, व्यवस्थाओं और आयोजन को आकर्षक बनाने पर विस्तार से चर्चा की गई। आयोजक समिति के नितिन राणा ने बताया कि कार्निवाल को यादगार बनाने के लिए सभी के सहयोग से तैयारियां की जा रही हैं।
बैठक में पालिकाध्यक्ष सीमा टम्टा, पूर्व पालिकाध्यक्ष देवेंद्र चनौतिया, प्रदीप पाठक, पूरन जोशी बालाजी, सतीश टम्टा, पंकज उप्रेती, नितेश बिष्ट, रामपाल गंगोला, कमल जोशी, राहुल जोशी, महेश जोशी, शुभम नैनवाल, हरीश रौतेला, हितेंद्र बिष्ट, शिप्रा जोशी, मोहित पड़ियार, देवेंद्र फत्याल, पंकज जोशी, रमन बिष्ट, विनीत जोशी, नीरज रैकुनी, रीगन गुप्ता और जितेंद्र बिष्ट सहित कई लोग मौजूद रहे।
2019 में हुआ था आखिरी आयोजन, अब फिर जगेगी कार्निवाल की याद
गौरतलब है कि भीमताल में वर्ष 2019 में पिछला लेक कार्निवाल आयोजित किया गया था। उस समय कार्यक्रम का आयोजन मल्लीताल स्थित मिनी स्टेडियम में हुआ था। इसके बाद सात साल तक यह आयोजन नहीं हो सका। अब एक बार फिर लेक कार्निवाल की वापसी से नगरवासियों और पर्यटन कारोबारियों में उत्साह है।
दो दिनों तक झील किनारे संगीत, लोक संस्कृति और मनोरंजन का संगम भीमताल की पहचान को नई चमक देने की तैयारी में है। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि सात साल बाद लौट रहा यह कार्निवाल भीमताल को पर्यटन के नक्शे पर कितनी नई पहचान और रौनक दे पाता है।
