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पिथौरागढ़ में चरस तस्करी पर सबसे बड़ा प्रहार: तीन तस्करों को 20-20 साल की सख्त सजा, छह लाख का जुर्माना
पिथौरागढ़। चरस तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए न्यायालय विशेष सत्र न्यायाधीश शंकर राज की अदालत ने तीन दोषियों को 20-20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने प्रत्येक दोषी पर दो-दो लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में दोषियों को पांच-पांच वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
पुलिस के अनुसार, 2 फरवरी 2019 को ओगला प्रभारी एसआई प्रकाश चन्द्र पाण्डेय के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तड़के करीब पांच बजे चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान धारचूला की ओर से आ रही एक संदिग्ध कार को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन कार सवार पुलिस को देखकर वाहन छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए भागने लगे।
पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए तीनों आरोपियों को घेराबंदी कर मौके से दबोच लिया। तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से 5.906 किलोग्राम अवैध चरस बरामद की गई।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पवन कश्यप और पूरन अधिकारी निवासी बिठौरिया लालडाट मुखानी (नैनीताल) तथा कुलवीर सिंह कोरंगा निवासी जौहार नगर, पंतनगर (ऊधमसिंह नगर) के रूप में हुई।
पुलिस ने तीनों के खिलाफ थाना अस्कोट में धारा 08/20 एवं 60(3) एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। मामले की विवेचना एसआई मनोज सिंह अधिकारी ने की, जबकि अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता प्रमोद पंत एवं ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी राकेश चन्द ने प्रभावी पैरवी की।
अदालत के इस फैसले को नशे के कारोबार के खिलाफ कड़ा और नजीर बनने वाला संदेश माना जा रहा है।

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