








सरकारी गाड़ियों की ‘व्हाइट धांधली’! टैक्सी नंबर की गाड़ियों को बनाया प्राइवेट, ट्रैफिक पुलिस बनी तमाशबीन!
दर्पण न्यूज 24/7 | विशेष रिपोर्ट
हल्द्वानी/नैनीताल
दूसरों को कानून का पाठ पढ़ाने वाले सरकारी विभागों के कई अधिकारी खुद ही परिवहन नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं। उत्तराखंड सरकार के कई विभाग और अफसर मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 177 का उल्लंघन करते हुए व्यावसायिक पंजीकरण (टैक्सी नंबर) वाली गाड़ियों पर नियमों के विपरीत सफेद नंबर प्लेट लगाकर सड़कों पर बेधड़क वाहन दौड़ा रहे हैं।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह अवैध खेल परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस की नाक के नीचे चल रहा है, लेकिन न तो इन गाड़ियों पर कोई चालान हो रहा है और न ही ठोस कार्रवाई। हल्द्वानी समेत पूरे नैनीताल जिले में सैकड़ों ऐसी अनुबंधित सरकारी गाड़ियां सफेद नंबर प्लेट के साथ खुलेआम दौड़ रही हैं।
पीली की जगह सफेद, नियमों की उड़ रही धज्जियां
परिवहन विभाग के स्पष्ट नियमों के अनुसार किराये या अनुबंध पर चलने वाली सभी सरकारी गाड़ियों का व्यावसायिक पंजीकरण और पीली नंबर प्लेट अनिवार्य है। इसके बावजूद कई विभागों में अनुबंध पर चल रही गाड़ियों की पीली नंबर प्लेट को सफेद करवा दिया गया है।
इनमें पीडब्ल्यूडी, राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग, खाद्य नियंत्रक विभाग, श्रम विभाग, जिला विकास प्राधिकरण, राजस्व विभाग, जीएसटी और रेलवे जैसे अहम विभाग शामिल हैं। सरकारी विभागों में अनुबंध पर चलने वाली गाड़ियों को टैक्सी नंबर (टीए) दिया जाता है, जिसके लिए पीली नंबर प्लेट जरूरी है, लेकिन नियमों को ताक पर रखकर सफेद प्लेट लगाकर गाड़ियां दौड़ाई जा रही हैं।
रुतबे की खातिर ‘व्हाइट प्लेट’
सूत्रों के मुताबिक कई अधिकारी जानबूझकर सफेद नंबर प्लेट लगवाते हैं, ताकि उनकी गाड़ियां प्राइवेट वाहनों जैसी दिखें और उनकी पहचान मुश्किल हो जाए। सफेद नंबर प्लेट होने से न सिर्फ कानून का उल्लंघन हो रहा है, बल्कि सड़क सुरक्षा और पारदर्शिता पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
गलत नंबर प्लेट से अवैध गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है। यदि किसी आपराधिक वारदात में ऐसी गाड़ी शामिल हो जाए तो उसकी पहचान और ट्रैकिंग और भी मुश्किल हो जाती है।
सैकड़ों गाड़ियां बिना रोकटोक
नैनीताल जिले में सैकड़ों ऐसी गाड़ियां हैं, जिन पर न तो चालान किया जा रहा है और न ही किसी तरह की ठोस कार्रवाई हो रही है। आम लोगों से जरा-सी गलती पर भारी जुर्माना वसूला जाता है, लेकिन जब वही गलती सरकारी विभागों और अफसरों की तरफ से हो तो नियम आंख मूंद लेते हैं।
यह दोहरा मापदंड कानून की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े करता है।
क्या कहते हैं आरटीओ
आरटीओ हल्द्वानी (एनफोर्समेंट) अरविंद पांडे ने बताया कि व्यावसायिक पंजीकरण वाहनों की पीली नंबर प्लेट को सफेद करना कानूनन अपराध है। मामला उनके संज्ञान में आया है और इस पर प्रवर्तन (एनफोर्समेंट) टीम को कार्रवाई के निर्देश जारी किए जाएंगे।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मोटर वाहन अधिनियम की धारा 177 के तहत ऐसे मामलों में भारी जुर्माना और बार-बार उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है।
अब बड़ा सवाल
अब देखना होगा कि नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले सरकारी विभागों और अफसरों पर परिवहन विभाग कब और कैसी कार्रवाई करता है, या फिर यह ‘व्हाइट धांधली’ यूं ही चलती रहेगी।
— दर्पण न्यूज 24/7
