मनरेगा पर सियासी जंग तेज: लालकुआं में भिड़ी बीजेपी–कांग्रेस, ‘नाम बदलो’ बनाम ‘नाम चुराओ’ पर गरमी बढ़ी।
दर्पण न्यूज 24/7 लालकुआं। मनरेगा को लेकर सियासत लगातार गर्माती जा रही है। लालकुआं में इस मुद्दे पर बीजेपी और कांग्रेस आमने–सामने आ गए। हल्दूचौड़ स्थित अपने आवास पर आयोजित प्रेसवार्ता में भाजपा के पूर्व विधायक नवीन चन्द्र दुम्का ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस सिर्फ दिखावे के लिए विरोध कर रही है। मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाने पर राजनीति करने वालों ने अपने शासनकाल में गांधी जी के लिए कोई ठोस काम नहीं किया। कांग्रेस सरकार के दौरान मनरेगा में भारी धांधली हुई, फर्जी मास्टर रोल बनाए गए और मजदूरों की मेहनत की कमाई में भ्रष्टाचार हुआ।
दुम्का ने कहा कि नया विकसित भारत अधिनियम ग्रामीण विकास में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा और असली मजदूरों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार की यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए मील का पत्थर साबित होगी। अब जहां पहले 100 दिन का रोजगार मिलता था, वहीं नई व्यवस्था में 125 दिन का रोजगार सुनिश्चित होगा। मजदूरी का भुगतान 7 दिन के भीतर होगा और देरी होने पर अतिरिक्त राशि भी दी जाएगी। दुम्का ने कांग्रेस को पूरी तरह जनविरोधी करार दिया।
उधर, कांग्रेस ने पलटवार करते हुए केंद्र सरकार पर सीधे निशाना साधा। वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरेन्द्र बोरा और युवा नेता हेमवती नन्दन दुर्गापाल ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार योजनाओं के नाम “चोरी” करने में “मास्टर” है। उन्होंने कहा कि भाजपा देश को बांटने और भटकाने की राजनीति कर रही है, जो देश के लिए घातक है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए सरकार ने मनरेगा का नाम बदलकर ‘एक तीर से दो शिकार’ करने की कोशिश की है और संशोधन कर योजना की रीढ़ कमजोर कर दी है।
कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि भाजपा की मंशा है कि गरीब गरीब ही रहे और अमीर और अधिक अमीर हो जाएं, लेकिन कांग्रेस ऐसा नहीं होने देगी। मनरेगा को बचाने के लिए कांग्रेस सड़क से संसद तक जन आंदोलन छेड़ेगी। उन्होंने कहा कि जैसे काले कृषि कानून वापस लेने पड़े, वैसे ही केंद्र सरकार को मनरेगा पर लिए फैसले भी वापस लेने होंगे।
