“न्याय नहीं तो अनशन!” पंतनगर विश्वविद्यालय प्रशासन पर द्वेषपूर्ण कार्रवाई का आरोप, 17 तक भुगतान नहीं तो 18 से आंदोलन की चेतावनी!
पंतनगर | दर्पण न्यूज 24/7
पंतनगर विश्वविद्यालय प्रशासन पर द्वेषपूर्ण रवैये और भाजपा कार्यकर्ताओं के उत्पीड़न का गंभीर आरोप सामने आया है। आरोप है कि परिसर में गौहत्या की घटना के विरोध के बाद प्रशासन ने बदले की भावना से पिछले 9 महीनों से संबंधित कार्य ठप कर भुगतान रोक रखा है।
पीड़ित पक्ष का कहना है कि विश्वविद्यालय परिसर में गौहत्या की घटना का विरोध करने के बाद से ही प्रशासन का रवैया बदला हुआ है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में भाजपा से जुड़े कार्यकर्ताओं के साथ हो रहे उत्पीड़न की शिकायतें समय-समय पर संगठन और सरकार तक पहुंचाई गईं, जिससे नाराज होकर प्रशासन ने उनका कार्य बंद कर दिया और भुगतान भी रोक दिया।
लगातार नौ महीने से भुगतान न मिलने के कारण संबंधित लोगों पर बैंक व बाजार का लाखों रुपये का कर्ज चढ़ गया है, जिस पर प्रतिदिन ब्याज बढ़ता जा रहा है। आर्थिक संकट के साथ-साथ मानसिक प्रताड़ना झेलने को मजबूर होने की बात भी कही गई है।
पीड़ित पक्ष का कहना है कि बार-बार लिखित व मौखिक निवेदन के बावजूद न तो भुगतान किया गया और न ही कार्य पुनः शुरू कराया गया। विवश होकर उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि 17 फरवरी तक भुगतान नहीं हुआ और कार्य शुरू नहीं किया गया, तो 18 फरवरी से विश्वविद्यालय प्रशासन भवन के मुख्य द्वार पर अनशन किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि प्रशासन फिर भी नहीं जागा, तो आंदोलन आगे चलकर आमरण अनशन तक जा सकता है। पीड़ित पक्ष ने भावुक अपील करते हुए कहा कि यदि स्थिति अत्यधिक विस्फोटक हुई तो उसके लिए पूरी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।
पीड़ितों ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि ऐसे अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, जो सरकार की छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि अब न्याय की अंतिम उम्मीद सरकार से है।
