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तराई पश्चिमी वन प्रभाग में पहली बार दिखा धारीदार लकड़बग्घा!

कैमरा ट्रैप में बार-बार रिकॉर्ड, वन्यजीव संरक्षण की बड़ी सफलता!

दर्पण न्यूज 24/7 रामनगर। तराई पश्चिमी वन प्रभाग से वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में बेहद उत्साहजनक और ऐतिहासिक खबर सामने आई है। पहली बार इस क्षेत्र में दुर्लभ वन्यजीव धारीदार लकड़बग्घा (स्ट्राइप्ड हाइना) की मौजूदगी आधिकारिक रूप से दर्ज की गई है।

प्रभागीय वनाधिकारी प्रकाश आर्या ने जानकारी देते हुए बताया कि हाल ही में चल रहे टाइगर सेंसस के दौरान लगाए गए कैमरा ट्रैप में इस दुर्लभ प्रजाति की तस्वीर कैद हुई। शुरुआती रिकॉर्ड मिलने के बाद वन विभाग ने फुटेज की गहन जांच की, जिसमें जनवरी माह से अब तक कई बार धारीदार लकड़बग्घा के कैमरा ट्रैप में दिखाई देने की पुष्टि हुई है।

उन्होंने बताया कि इससे पहले यह प्रजाति वर्षों पूर्व कालागढ़ टाइगर रिजर्व में देखी गई थी तथा एक बार रामनगर वन प्रभाग के हाथी गलियांर क्षेत्र में इसकी हलचल दर्ज हुई थी, लेकिन उसके बाद इसकी उपस्थिति का कोई प्रमाण नहीं मिला था।

वन विभाग के अनुसार धारीदार लकड़बग्घा का मूवमेंट तराई पश्चिमी वन प्रभाग के हाथी डांगर टूरिज्म जोन और फाटो टूरिज्म जोन के आसपास लगातार रिकॉर्ड हो रहा है। विशेषज्ञ इसे क्षेत्र की बेहतर होती पारिस्थितिकी और समृद्ध जैव विविधता का मजबूत संकेत मान रहे हैं।

डीएफओ ने कहा कि धारीदार लकड़बग्घा संवेदनशील (एंडेंजर्ड) श्रेणी का वन्यजीव है। ऐसे में इसकी नियमित मौजूदगी वन विभाग के संरक्षण प्रयासों की बड़ी सफलता को दर्शाती है। साथ ही भविष्य में पर्यटकों के लिए भी यह वन क्षेत्र एक नया आकर्षण बन सकता है।

वन अधिकारियों का मानना है कि यह उपलब्धि तराई पश्चिमी वन प्रभाग के जैव विविधता परिदृश्य को नई पहचान देने वाली साबित होगी।

कैमरा ट्रैप में दुर्लभ वन्यजीव की लगातार मौजूदगी ने वन्यजीव प्रेमियों और विभाग में उत्साह की लहर दौड़ा दी है।

उत्तराखंड