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सुवेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी हत्याकांड की जांच सीबीआई को सौंपी।

तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के एक दिन बाद केंद्र ने लिया बड़ा फैसला।

दर्पण न्यूज 24/7 ब्यूरो नई दिल्ली। शुभेंदु अधिकारी  के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ हत्याकांड की जांच अब सीबीआई करेगी। एजेंसी ने इस मामले में अपनी एफआईआर दर्ज कर सात सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन कर लिया है। पश्चिम बंगाल में इस हाई-प्रोफाइल हत्या के बाद राजनीतिक माहौल गर्माया हुआ है।

पूर्व भारतीय वायुसेना तकनीकी कर्मी रहे चंद्रनाथ रथ वर्ष 2019-21 से सुवेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी के रूप में कार्य कर रहे थे। 6 मई 2026 की रात उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। यह घटना भाजपा की विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत के दो दिन बाद हुई थी।

जानकारी के अनुसार, उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम स्थित दोहरिया क्रॉसिंग के पास बाइक सवार बदमाशों ने रथ की स्कॉर्पियो कार को रोक लिया। एक वाहन ने उनकी कार को टक्कर मारी, जिसके बाद हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। पूरी वारदात एक मिनट से भी कम समय में अंजाम दी गई। घटना स्थल उनके आवास से करीब 170 मीटर दूर था।

पश्चिम बंगाल पुलिस ने मौके से कारतूस बरामद किए थे। प्रारंभिक जांच में इसे 30 से 40 लाख रुपये की सुपारी देकर कराई गई हत्या माना गया। जांच में सामने आया कि वारदात में प्रयुक्त वाहनों पर फर्जी नंबर प्लेट लगी थीं और इंजन व चेसिस नंबर से भी छेड़छाड़ की गई थी। घटना में इस्तेमाल दो मोटरसाइकिलें बाद में लावारिस हालत में बरामद हुईं।

राज्य पुलिस की एसआईटी और सीआईडी ने जांच के दौरान हावड़ा टोल प्लाजा पर हुए एक यूपीआई भुगतान के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी निगरानी के जरिए 11 मई को संयुक्त अभियान चलाकर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें बिहार निवासी मयंक राज मिश्रा और विक्की मौर्य के अलावा उत्तर प्रदेश के बलिया निवासी शार्पशूटर राज सिंह शामिल हैं।

बारासात अदालत ने तीनों आरोपियों को 24 मई तक 13 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पूछताछ में अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े होने के संकेत मिले हैं, हालांकि हत्या के पीछे की साजिश, फंडिंग और मास्टरमाइंड को लेकर जांच जारी है।

पश्चिम बंगाल सरकार और राज्य पुलिस की सिफारिश पर सीबीआई ने 11 मई की देर रात मामले की जांच अपने हाथ में ली। एजेंसी ने मध्यमग्राम थाने में दर्ज मूल एफआईआर को पुनः दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कोलकाता जोन के संयुक्त निदेशक की निगरानी में गठित सात सदस्यीय एसआईटी का नेतृत्व डीआईजी पंकज कुमार सिंह कर रहे हैं।

सीबीआई अब हत्या के पीछे की साजिश, अंतरराज्यीय आपराधिक नेटवर्क, हथियारों की आपूर्ति, पैसों के लेनदेन और फरार अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच करेगी। एजेंसी गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के साथ चंद्रनाथ रथ की गतिविधियों का पुनर्निर्माण कर हत्या के सही कारण और मास्टरमाइंड तक पहुंचने का प्रयास करेगी।

इस हत्याकांड को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं। भाजपा ने इसे सुनियोजित राजनीतिक हत्या बताया है, जबकि तृणमूल कांग्रेस ने घटना की निंदा करते हुए सीबीआई जांच का स्वागत किया है। सुवेंदु अधिकारी ने इसे पहले से रची गई साजिश करार दिया है।

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