सेंचुरी मिल में श्रमिक की मौत के बाद आखिरकार बनी सहमति, परिवार को 9 लाख और स्थायी नौकरी!
दर्पण न्यूज 24/7 ब्यूरो, प्रमोद बमेटा
लालकुआं। सेंचुरी पल्प एंड पेपर मिल में ड्यूटी पर गए एक श्रमिक की जिंदगी अचानक थम गई और पीछे छूट गया रोता-बिलखता परिवार। मंगलवार को हुई इस दर्दनाक घटना के बाद मिल परिसर में तनाव, आक्रोश और बेचैनी का माहौल बना रहा। आखिरकार बुधवार को घंटों चली वार्ता के बाद प्रबंधन, श्रमिक संगठनों और मृतक परिवार के बीच सहमति बन गई।
बिंदुखत्ता निवासी स्वर्गीय मोहन राम पुत्र स्व. हरक राम, मेसर्स एस.एम. इंटरप्राइजेज के माध्यम से सेंचुरी मिल में संविदा श्रमिक के रूप में कार्यरत थे। 19 मई को वह जनरल शिफ्ट में ड्यूटी कर रहे थे। अपराह्न करीब 4:15 बजे वह इंस्ट्रूमेंट विभाग के पीछे अचेत अवस्था में पड़े मिले। सूचना मिलते ही कारखाने की डिस्पेंसरी टीम सक्रिय हुई और उन्हें तत्काल सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी भेजा गया, लेकिन वहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना की खबर मिलते ही श्रमिकों और परिजनों में भारी नाराजगी फैल गई। माहौल लगातार गर्माता देख प्रबंधन को श्रमिक संगठनों और परिवारजनों के साथ वार्ता की टेबल पर आना पड़ा। लंबे मंथन के बाद आखिरकार राहत भरा फैसला सामने आया।
सहमति के अनुसार मृतक श्रमिक की पत्नी भावना देवी को 9 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। साथ ही परिवार की आजीविका को देखते हुए भावना देवी अथवा उनकी इच्छा अनुसार परिवार के एक पात्र सदस्य को सेंचुरी मिल में स्थायी नौकरी देने पर भी सहमति बनी।
वर्ष 2021 और 2024 के पंजीकृत श्रम समझौतों के आधार पर हुए इस निर्णय की पुष्टि महाप्रबंधक (कार्मिक एवं प्रशासन) एस.के. बाजपेयी द्वारा जारी सहमति पत्र में की गई है।
हालांकि समझौते के बाद माहौल शांत जरूर हुआ, लेकिन मिल में संविदा श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था और कार्य परिस्थितियों को लेकर कई सवाल अब भी हवा में तैर रहे हैं।
