








मंडी बोर्ड की योजनाओं की कृषि मंत्री ने की समीक्षा, बजट समय पर खर्च करने के निर्देश!
हल्द्वानी, 17 अगस्त। प्रदेश के कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने सोमवार को हल्द्वानी स्थित सर्किट हाउस में उत्तराखंड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में मंत्री ने मंडी बोर्ड की विभिन्न योजनाओं, विकास कार्यों और नई मंडी नौगांव (उत्तरकाशी) के क्रियान्वयन की प्रगति की विस्तार से जानकारी ली।
समीक्षा बैठक में ई-नाम प्रणाली, मंडियों की वित्तीय स्थिति, मुख्यमंत्री घोषणाओं, कृषि उत्पादन क्षति सहायता योजना, किसानों की दुर्घटना सहायता योजना, कृषकों के बच्चों की छात्रवृत्ति योजना तथा नाबार्ड पोषित योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गई। इसके अलावा मंगलौर और विकासनगर में प्रस्तावित कोल्ड स्टोरेज के निर्माण की स्थिति की भी जानकारी ली गई।
अधिकारियों ने बताया कि मंडी बोर्ड की आय के लिए 175 करोड़ रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए अधिकारियों को गंभीरता और प्रभावी ढंग से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों से जुड़ी योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से पात्र लाभार्थियों तक पहुंचना चाहिए।
मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि विभाग द्वारा स्वीकृत बजट का निर्धारित समय-सीमा के भीतर शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए गए।
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और किसानों को आधुनिक सुविधाएं मुहैया कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि मंडी व्यवस्था को मजबूत करने के साथ ई-नाम, कोल्ड स्टोरेज और आधुनिक विपणन सुविधाओं का विस्तार किसानों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।
बैठक में मंडी परिषद के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक हेमंत कुमार वर्मा, वित्त नियंत्रक जुबक मोहन सक्सेना, महाप्रबंधक तकनीकी विजय कुमार, विपणन अधिकारी प्रवीण शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
दर्पण न्यूज 24×7 | हल्द्वानी
