कुमाऊं के लाखों उपभोक्ताओं को बड़ी राहत: हल्द्वानी में बनेगी जल संस्थान की स्टेट लैब, 24 पैरामीटर पर होगी पानी की जांच।
(दर्पण न्यूज 24/7)
हल्द्वानी!उत्तराखंड जल संस्थान कुमाऊं मंडल के लाखों पानी उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देने जा रहा है। अब पानी की गुणवत्ता की उच्च स्तरीय जांच हल्द्वानी में ही संभव हो सकेगी। जल संस्थान हल्द्वानी स्थित शीशमहल फिल्टर प्लांट के पास करीब 1 करोड़ 27 लाख रुपये की लागत से स्टेट लैब (राज्य स्तरीय प्रयोगशाला) स्थापित करने की तैयारी में है।
अधीक्षण अभियंता जल संस्थान विशाल सक्सेना ने बताया कि वर्तमान में जिला स्तर पर केवल 14 पैरामीटर पर ही पानी की गुणवत्ता की जांच हो पाती है। जबकि 24 पैरामीटर की विस्तृत जांच के लिए सैंपल देहरादून स्थित स्टेट लैब भेजने पड़ते हैं।
इसी को देखते हुए अब कुमाऊं मंडल में भी स्टेट लैब की स्थापना का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। स्वीकृति मिलते ही इसके निर्माण की औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इसके बन जाने से कुमाऊं मंडल के सभी 6 जिलों के पानी की गुणवत्ता की 24 पैरामीटर पर उच्च स्तर की जांच हल्द्वानी में ही की जा सकेगी और लोगों को देहरादून नहीं जाना पड़ेगा।
उन्होंने बताया कि अभी तक जल संस्थान की एकमात्र स्टेट लैब देहरादून में ही है। स्टेट लैब का मुख्य कार्य जिलों में स्थापित छोटी लैब की मॉनिटरिंग करना होता है, जिसके तहत सभी जिलों से 10 प्रतिशत पानी के सैंपल की दोबारा जांच की जाती है।
प्रदेश की सभी जिलों की लैब सही ढंग से काम कर रही हैं या नहीं, इसकी जांच के लिए अब तक सभी जिलों से सैंपल मंगवाकर देहरादून भेजे जाते रहे हैं। हल्द्वानी में दूसरी स्टेट लैब बनने के बाद कुमाऊं के तमाम पेयजल स्रोतों के साथ-साथ प्राकृतिक जल स्रोतों (नदी, गधेरे और झील) के सैंपल की जांच भी यहीं आसानी से हो सकेगी।
पानी की गुणवत्ता जांच में जल संस्थान की स्टेट लैब की भूमिका बेहद अहम होती है। कुमाऊं के कई इलाकों में प्रदूषित जल आपूर्ति की शिकायतें अक्सर सामने आती रही हैं। ऐसे मामलों में स्टेट लैब की रिपोर्ट और जिला लैब की रिपोर्ट का क्रॉस चेक किया जाता है।
हल्द्वानी में स्टेट लैब बनने से कुमाऊं मंडल में जल गुणवत्ता निगरानी और पारदर्शिता दोनों को मजबूती मिलेगी, जिससे आम जनता को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में यह एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
