एक लम्हे में कैद ये मंजर यूं ही नहीं होता, कभी खामोश तस्वीर भी बड़ी सियासत लिख जाती है।पढ़िए पूरी खबर
“कंधों पर हाथ, सियासत में साथ” नीरज तिवारी की एक तस्वीर से गर्माई कालाढूंगी की राजनीति! वरिष्ठों का वरदहस्त या बदलते समीकरणों का संकेत? एक फ्रेम में दिखी कांग्रेस की…
