“हरारे में भारत का ‘छक्का-चौका’ राज! 14 साल के वैभव सूर्यवंशी के 175 रन से इंग्लैंड ध्वस्त, भारत छठी बार अंडर-19 वर्ल्ड चैंपियन”!
दर्पण न्यूज 24/7 | हरारे।
क्रिकेट के नए वंडरकिड वैभव सूर्यवंशी (175 रन, 80 गेंद, 15 छक्के, 15 चौके) की ऐतिहासिक पारी के दम पर भारत ने अंडर-19 विश्व कप फाइनल में इंग्लैंड को 100 रन से रौंदते हुए छठी बार खिताब अपने नाम कर लिया। हरारे में खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 9 विकेट पर रिकॉर्ड 411 रन ठोके।
महज 14 साल के वैभव सूर्यवंशी ने फाइनल में अंडर-19 विश्व कप इतिहास की सबसे प्रभावशाली पारियों में से एक खेलते हुए कई रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। उन्होंने सिर्फ 55 गेंदों में शतक जड़कर टूर्नामेंट के इतिहास में दूसरा सबसे तेज शतक लगाया और फाइनल मुकाबले में किसी खिलाड़ी का सर्वश्रेष्ठ व्यक्तिगत स्कोर भी अपने नाम किया। सूर्यवंशी इस टूर्नामेंट के इतिहास में सबसे कम उम्र में शतक लगाने वाले खिलाड़ी भी बन गए।
सूर्यवंशी ने 32 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया और इसके बाद महज 23 गेंदों में दूसरा अर्धशतक जड़ दिया। उनकी 175 रन की विस्फोटक पारी में 150 रन सिर्फ बाउंड्री से आए। इस दौरान उन्होंने 15 छक्के लगाकर युवा वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा छक्कों का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। इससे पहले यह रिकॉर्ड भी उनके ही नाम था।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम कालेब फाल्कोनर (115 रन, 67 गेंद) के शतक और बेन डॉकिन्स (66 रन) के अर्धशतक के बावजूद भारतीय गेंदबाजों के आगे 40.2 ओवर में 311 रन पर सिमट गई। भारत ने यह मुकाबला 100 रन से जीतकर इतिहास रच दिया।
गौरतलब है कि भारत ने इससे पहले 2000, 2008, 2012, 2018 और 2022 में अंडर-19 विश्व कप का खिताब जीता था। खास बात यह रही कि 2022 के फाइनल में भी भारत ने इंग्लैंड को हराकर ट्रॉफी अपने नाम की थी। दसवीं बार फाइनल में पहुंची भारतीय टीम ने एक बार फिर अपना दबदबा साबित कर दिया।
मैच के बाद वैभव सूर्यवंशी की ऐतिहासिक पारी से प्रभावित होकर इंग्लैंड के खिलाड़ी भी उन्हें बधाई देने दौड़े, जो इस युवा बल्लेबाज के बढ़ते कद और प्रतिभा का बड़ा प्रमाण है।
