

कल से पंतनगर में किसानों का महाकुंभ, 400 से ज्यादा स्टॉलों पर सजेगा खेती का नया दौर!
राज्यपाल गुरमीत सिंह करेंगे शुभारंभ, रबी बीज से स्मार्ट खेती तक एक ही छत के नीचे समाधान — 6 अक्टूबर तक चलेगा 120वां अखिल भारतीय किसान मेला!
पंतनगर/रुद्रपुर, 2 अक्टूबर।
खेती की लागत घटाने, उत्पादन बढ़ाने और बदलती कृषि तकनीक को खेत तक पहुंचाने के उद्देश्य से गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, पंतनगर में 120वां अखिल भारतीय किसान मेला एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी शनिवार से शुरू होगा। 3 से 6 अक्टूबर तक चलने वाले इस मेले का शुभारंभ उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेनि.) गुरमीत सिंह करेंगे।
इस बार मेले की थीम ‘स्मार्ट खेती-स्वस्थ धरती-समृद्ध किसान’ रखी गई है। मेले में 400 से अधिक स्टॉल किसानों के लिए आकर्षण का केंद्र होंगे, जहां आधुनिक कृषि यंत्रों, उन्नत बीजों, कृषि तकनीकों, खाद, कृषि रसायनों, पशुपालन और कृषि से जुड़े विभिन्न उत्पादों की जानकारी एवं प्रदर्शन किया जाएगा।
रबी की तैयारी के लिए किसानों के लिए खास मौका!
रबी सीजन शुरू होने से पहले आयोजित हो रहा यह मेला किसानों के लिए खास महत्व रखता है। गेहूं, चना, मटर, सरसों सहित विभिन्न रबी फसलों की प्रमाणित एवं अधिक उत्पादन देने वाली किस्मों के बीज उपलब्ध रहेंगे। साथ ही विभिन्न प्रकार के पौधे भी बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे।
किसानों को केवल बीज खरीदने का ही अवसर नहीं मिलेगा, बल्कि विशेषज्ञों से यह समझने का मौका भी मिलेगा कि कौन सी फसल, कौन सी किस्म, किस क्षेत्र की मिट्टी और किस मौसम के लिए उपयुक्त है।
ट्रैक्टर से स्मार्ट खेती तक, एक जगह मिलेगी तकनीक की जानकारी!
मेले में ट्रैक्टर, कंबाइन हार्वेस्टर और अन्य आधुनिक कृषि मशीनरी के साथ स्मार्ट खेती की तकनीकों का प्रदर्शन किया जाएगा। कीटनाशक, कृषि रसायन, पशु चिकित्सा उत्पाद और खेती से जुड़े आधुनिक उपकरण भी प्रदर्शित होंगे।
कृषि फर्मों के साथ बैंक, कृषि अनुसंधान संस्थान, सरकारी एवं निजी संस्थान भी अपनी योजनाओं और सेवाओं की जानकारी किसानों तक पहुंचाएंगे। ग्रामीण उद्योग, हस्तशिल्प, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ, आईटी और सौर ऊर्जा से जुड़ी संस्थाओं की भागीदारी भी मेले को कृषि से आगे ग्रामीण अर्थव्यवस्था के व्यापक मंच का रूप देगी।
किसान-वैज्ञानिक संवाद में सीधे पूछ सकेंगे सवाल!
मेले की सबसे उपयोगी गतिविधियों में किसान-वैज्ञानिक गोष्ठियां शामिल हैं। 3 से 5 अक्टूबर तक प्रतिदिन शाम तीन बजे गांधी हॉल में किसान-वैज्ञानिक गोष्ठी आयोजित होगी। किसान अपनी खेती से जुड़ी समस्याएं विशेषज्ञों के सामने रखकर समाधान और वैज्ञानिक सलाह प्राप्त कर सकेंगे।
ऐसे समय में जब मौसम में बदलाव, बढ़ती लागत, कीट-रोग और बाजार की अनिश्चितता खेती के सामने बड़ी चुनौतियां हैं, किसान-वैज्ञानिक संवाद किसानों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।
पशुपालकों के लिए भी विशेष आयोजन!
किसान मेले में खेती के साथ पशुपालन पर भी विशेष जोर रहेगा। 4 अक्टूबर को दोपहर दो बजे शैक्षणिक डेयरी फार्म, नगला में पशुओं की नीलामी होगी, जिसमें संकर बछियों सहित अन्य पशु शामिल होंगे।
वहीं 5 अक्टूबर को पशु चिकित्सा महाविद्यालय में पशु प्रदर्शनी एवं मुकाबला आयोजित किया जाएगा। पशुपालन से जुड़े किसानों के लिए यह कार्यक्रम उन्नत पशुधन और पशु प्रबंधन से संबंधित जानकारी हासिल करने का अवसर होगा।
राज्यपाल का एक घंटे से अधिक का कार्यक्रम!
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेनि.) गुरमीत सिंह 3 अक्टूबर को सुबह 10:30 बजे पंतनगर एयरपोर्ट पहुंचेंगे। इसके बाद वे तराई भवन गेस्ट हाउस जाएंगे और वहां से किसान मेले के प्रदर्शनी क्षेत्र का दौरा करेंगे।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 10:55 से 11:30 बजे तक राज्यपाल प्रदर्शनी क्षेत्र का भ्रमण करेंगे। इसके बाद वे गांधी हॉल पहुंचेंगे, जहां 11:32 से 12:45 बजे तक कार्यक्रम निर्धारित है। दोपहर 12:55 बजे वे हेलीकॉप्टर से देहरादून के लिए रवाना होंगे।
किसानों से अपील—सिर्फ मेला देखने नहीं, जानकारी लेकर लौटें!
पंतनगर का किसान मेला केवल कृषि उत्पादों की प्रदर्शनी नहीं, बल्कि किसानों के लिए नई तकनीक, बेहतर बीज, कृषि यंत्र, वैज्ञानिक सलाह, पशुपालन और सरकारी योजनाओं से जुड़ी जानकारी एक ही स्थान पर हासिल करने का अवसर है।
विशेष रूप से रबी की बुआई से पहले किसानों के लिए यह मौका महत्वपूर्ण है। किसान मेले में पहुंचकर अपने क्षेत्र की जरूरत के मुताबिक बीज, कृषि तकनीक और मशीनरी की जानकारी लेने के साथ विशेषज्ञों से अपनी समस्याओं पर सीधा संवाद कर सकते हैं।
मेले का असली उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब प्रदर्शनी में दिखाई जाने वाली तकनीक और विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों की सलाह पंतनगर की सीमाओं से निकलकर किसानों के खेत तक पहुंचे।
