‘ऑपरेशन प्रहार’ का बड़ा धमाका, इस हिस्ट्रीशीटर के अवैध साम्राज्य पर चला बुलडोजर!
नानकमत्ता (ऊधम सिंह नगर)। वर्षों से सरकारी जमीन पर खड़े एक कथित ‘काले साम्राज्य’ का शनिवार को आखिरकार अंत हो गया। सुबह तक जिस अवैध निर्माण की दीवारें इलाके में रसूख और दहशत की कहानी कह रही थीं, दोपहर होते-होते वही ढांचा बुलडोजर की गर्जना के बीच मलबे में तब्दील हो गया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” के अंतर्गत ऊधम सिंह नगर पुलिस, प्रशासन और सिंचाई विभाग ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए नानकमत्ता के कुख्यात हिस्ट्रीशीटर तारा सिंह के अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान करीब दो एकड़ सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया, जिसकी बाजार कीमत 50 लाख रुपये से अधिक आंकी जा रही है।
जांच में सामने आया कि नानकमत्ता डैम बंदा गिधौर निवासी तारा सिंह और उसके परिजनों ने नानकसागर बांध क्षेत्र में सिंचाई विभाग की भूमि पर अवैध कब्जा कर पक्का निर्माण खड़ा कर रखा था। पुलिस का दावा है कि इस ठिकाने का इस्तेमाल लंबे समय से स्मैक, हेरोइन और अन्य मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ी गतिविधियों के लिए किया जाता रहा।
शनिवार को नोटिस की प्रक्रिया पूरी होने के बाद तहसील प्रशासन, सिंचाई विभाग, पुलिस, पीएसी और फायर सर्विस की संयुक्त टीम भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मौके पर पहुंची। कुछ ही देर में बुलडोजर गरजा और अवैध निर्माण जमींदोज हो गया। कार्रवाई देखने के लिए आसपास बड़ी संख्या में लोग भी जुटे रहे।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार तारा सिंह के खिलाफ डकैती, लूट, अपहरण, हत्या के प्रयास, गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट समेत 27 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। वर्तमान में वह जेल में बंद है। उसके परिवार के अन्य सदस्यों पर भी एनडीपीएस और आबकारी अधिनियम के तहत कई मामले दर्ज बताए गए हैं।
एसएसपी अजय गणपति ने स्पष्ट कहा कि जनपद में नशा तस्करों, गैंगस्टरों और संगठित अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। अपराध से अर्जित अवैध संपत्तियों को चिन्हित कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी और सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने का अभियान आगे भी जारी रहेगा।
