आधी रात की पूछताछ में खुला बड़ा राज! मोबाइल चैट से मिले ये बड़े सुराग, फिर बरामद हुए हथियार और डेटोनेटर!
मोबाइल से जिहाद, शहादत और राष्ट्रविरोधी विचारों से जुड़ी सामग्री साझा कर की जा रही थी युवाओं को कट्टरपंथी सोच की ओर प्रभावित करने की कवायद।
दर्पण न्यूज 24/7 ब्यूरो गदरपुर/देहरादून। उत्तराखंड एसटीएफ ने सोशल मीडिया के माध्यम से कथित कट्टरपंथी एवं राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में संलिप्त एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर बड़ा खुलासा किया है। आरोपी के मोबाइल फोन की जांच में ऐसे चैट, ग्रुप और सामग्री मिली है, जिनके आधार पर जांच एजेंसियों को एक बड़े नेटवर्क के सक्रिय होने की आशंका है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसटीएफ ने उत्तर प्रदेश में भी संभावित संपर्कों की तलाश में दबिश दी है।
एसटीएफ को प्राप्त गोपनीय सूचना के आधार पर गदरपुर निवासी मोहम्मद सलाउद्दीन पुत्र अब्दुल मलिक को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। जांच के दौरान उसके मोबाइल फोन में इंस्टाग्राम, टेलीग्राम और सिग्नल प्लेटफॉर्म पर कई संदिग्ध समूहों और चैट्स का पता चला। अधिकारियों के अनुसार इन चैट्स में जिहाद, शहादत और राष्ट्रविरोधी विचारों से जुड़ी सामग्री साझा की जा रही थी तथा युवाओं को कट्टरपंथी सोच की ओर प्रभावित करने के संकेत मिले हैं।
पूछताछ और तकनीकी जांच के दौरान आरोपी के कथित अंतरराष्ट्रीय संपर्कों के भी संकेत मिले हैं। एसटीएफ के अनुसार प्रारंभिक जांच में कुछ ऐसे डिजिटल साक्ष्य सामने आए हैं जो ट्रांस-बॉर्डर नेटवर्क की संभावना की ओर इशारा करते हैं। जांच एजेंसियां इन कड़ियों की सत्यता और दायरे की गहन पड़ताल कर रही हैं।
मामले ने उस समय और गंभीर रूप ले लिया जब देर रात चलाए गए सर्च अभियान में आरोपी की निशानदेही पर एक इंग्लिश पिस्तौल, पांच कारतूस, चार डेटोनेटर तथा एके-47 के दो कारतूस बरामद किए गए। इसके अलावा चैट्स में हथियारों और विस्फोटक सामग्री के भंडारण तथा उनकी आवाजाही से संबंधित संदिग्ध बातचीत भी सामने आई है, जिसकी फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है।
एसटीएफ अधिकारियों के मुताबिक आरोपी ने पूछताछ में स्वीकार किया कि कुछ घटनाओं से प्रभावित होकर उसके भीतर कट्टरपंथी सोच विकसित हुई थी। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि उसने कुछ चैट और संपर्कों को डिलीट करने का प्रयास किया था। उत्तर प्रदेश के रामपुर निवासी एक व्यक्ति से उसके संपर्कों की भी जानकारी मिली है, जिसकी भूमिका की जांच जारी है।
एसटीएफ के अनुसार प्रारंभिक पूछताछ और गोपनीय सूचनाओं से संकेत मिले हैं कि आरोपी को पाकिस्तान से जुड़े नेटवर्क द्वारा मलेशिया स्थित एक कथित हैंडलर के माध्यम से संचालित किया जा रहा था तथा किसी घटना को अंजाम देने की तैयारी की जा रही थी। इस संबंध में सभी अभिसूचना एजेंसियों को अवगत कराते हुए आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 152, 61(2) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(C) और 66(F) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
इस कार्रवाई में एसटीएफ टीम के निरीक्षक विकास चौधरी, उपनिरीक्षक विपिन जोशी, उपनिरीक्षक के.जी. मठपाल, हेड कांस्टेबल रविन्द्र बिष्ट, महेंद्र गिरी, सुरेंद्र कनवाल, किशोर कुमार, कांस्टेबल जितेंद्र कुमार तथा तकनीकी सहायक किशन शर्मा शामिल रहे। वहीं साइबर थाना टीम से निरीक्षक धीरेन्द्र पंत, एएसआई दीपक जोशी और कांस्टेबल उस्मान ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
एसएसपी एसटीएफ ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी भी व्यक्ति को राष्ट्रविरोधी गतिविधियों से संबंधित कोई सूचना प्राप्त होती है तो तत्काल एसटीएफ को अवगत कराएं। सूचनाकर्ता की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी।
