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जमरानी बांध परियोजना से जुड़ी नहरों के रिमॉडलिंग कार्य तेज!

एडीएम ने निर्माणाधीन कार्यों का किया निरीक्षण!

दर्पण न्यूज 24/7 संवाददाता!

हल्द्वानी। जमरानी बांध बहु‌द्देशीय परियोजना के अंतर्गत नहरों के रिमॉडलिंग एवं पुनर्निर्माण कार्य तेजी से चल रहे हैं। इसी क्रम में गुरुवार को अपर जिलाधिकारी शैलेंद्र सिंह नेगी के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम ने निर्माणाधीन कार्यों का निरीक्षण किया और प्रगति की समीक्षा की। बताया गया कि गौला नदी पर काठगोदाम बैराज से लगभग 10 किमी. अपस्ट्रीम स्थित प्रस्तावित जमरानी बांध परियोजना का निर्माण कार्य वर्ष 2024 से प्रारंभहो चुका है। इस परियोजना के तहत काठगोदाम बैराज से निकलने वाली

गौलापार नहर ( और) और गौलापार मुख्य नहर (दायीं ओर) के माध्यम से हल्द्वानी और आसपास के क्षेत्रों में सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है। कॉलटैक्स चौराहे से निकलने वाली गौलापार फीडर नहर शहर से होते हुए बरेली रोड स्थित इंडेन गैस प्लांट तक जाती है, जहां से हरिपुरा और पाहा फीडर नहरें निकलती है। हरिपुरा फीडर नहर हरिपुरा बौर जलाशय की ओर जाती है, जबकि पाहा फीडर नहर किच्छा बैराज तक पहुंचती है। उत्तर प्रदेश के साथ हुए समझौते के अनुसार हरिपुरा जलाशय से रामपुर और किच्छा बैराज से बरेली जिले को सिंचाई जल उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा ऊधमसिंह नगर जिले को भी इन नहरों के माध्यम से सिंचाई सुविधा मिलेगी। परियोजना पूर्ण होने

जमरानी बांध बहुद्देशीय परियोजना का निरीक्षण करते अपर जिलाधिकारी शैलेंद्र सिंह नेगी

के बाद नैनीताल, ऊधमसिंह नगर, बरेली और रामपुर जिलों के करीब 57,065 हेक्टेयर क्षेत्र में अतिरिक्त सिंचाई का लक्ष्य निर्धारित किया

गया है। गौलापार मुख्य नहर 1.1 किमी, गौलापार फीडर नहर 16.3 किमी, हरिपुरा फीडर नहर 15 किमी तथा पाहा फीडर नहर 8.42 किमी

लंबाई में कार्य किया जा रहा है। कुल 40.82 किमी. लंबाई के सापेक्ष अब तक 17.38 किमी कार्य पूर्ण किया जा चुका है। निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी ने 15 किमी. लंबी हरिपुरा फीडर नहर के निर्माण कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने नहर में बन रहे रेगुलेटर वर्क, प्रोटेक्शन वर्क, फॉल और क्रॉस ड्रेनेज (सीडी) कार्यों की गुणवत्ता की समीक्षा की। साथ ही वन्यजीव संरक्षण के लिए बनाए जा रहे एलिफेंट स्टेप्स और रेप्टाइल क्रॉसिंग जैसे विशेष प्रावधानों का भी निरीक्षण किया। परियोजना इकाई ने जानकारी दी कि वन क्षेत्र में प्रभावित होने वाले वृक्षों के सापेक्ष वन विभाग द्वारा दस गुना पौधरोपण किया जाएगा। इसके अलावा नहरों के दोनों किनारों पर भी व्यापक स्तर पर

पौधरोपण किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि नहर के तल और पैरापिट पर उगे लगभग 1090 पेड़ों के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है, जिनके पातन की अनुमति का प्रस्ताव शासन स्तर पर विचाराधीन है। अपर जिलाधिकारी ने परियोजना इकाई को आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन स्तर से सभी समस्याओं के त्वरित निस्तारण के प्रयास किए जाएंगे ताकि 15 किमी. की पूरी लंबाई में कार्य समयबद्ध रूप से पूर्ण हो सके। निरीक्षण के दौरान उप महाप्रबंधक ललित कुमार ने परियोजना के अन्य कार्यों की प्रगति से अवगत कराया। इस मौके पर परियोजना प्रबंधक मोहम्मद शाहनवाज, क्षेत्रीय अभियंता और कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

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