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नैनीताल में 16 सितंबर से गूंजेगा मां नंदा-सुनंदा का जयकारा
124वां नंदा देवी महोत्सव बनेगा आस्था, आध्यात्म और लोकसंस्कृति का दिव्य संगम
सीसीटीवी की निगरानी में होगी मेले की सुरक्षा व्यवस्था, नगर को विद्युत रोशनी से सजाने की तैयारी
नैनीताल। सरोवर नगरी नैनीताल एक बार फिर मां नंदा और मां सुनंदा की भक्ति में सराबोर होने जा रही है। कुमाऊं की समृद्ध धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक 124वां नंदा देवी मेला महोत्सव आगामी 16 सितंबर से 23 सितंबर तक श्रद्धा और उल्लास के साथ आयोजित किया जाएगा। मां नंदा-सुनंदा के प्रति अटूट आस्था से जुड़े इस ऐतिहासिक महोत्सव को भव्य, दिव्य और स्थानीय लोक परंपराओं के अनुरूप आयोजित करने की तैयारियां तेज हो गई हैं।
महोत्सव की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने के लिए बुधवार को जिला कार्यालय सभागार, नैनीताल में जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में नैनीताल विधायक सरिता आर्या, राम सेवा समिति, मंदिर समिति, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने कहा कि नंदा देवी महोत्सव केवल एक मेला नहीं, बल्कि कुमाऊं की आस्था, आध्यात्मिक चेतना, लोकसंस्कृति और सदियों पुरानी परंपराओं का जीवंत उत्सव है। उन्होंने कहा कि महोत्सव में कुमाऊं की लोक संस्कृति और परंपराओं की स्पष्ट झलक दिखाई देनी चाहिए। आयोजन के दौरान होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों में स्थानीय लोक परंपराओं और उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि मां नंदा-सुनंदा के इस पावन महोत्सव में प्रदेश की लोक संस्कृति से जुड़े कलाकारों को मंच उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि नई पीढ़ी अपनी जड़ों और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ सके। महोत्सव के माध्यम से स्थानीय उत्पादों और पहाड़ की पारंपरिक आजीविका को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
मेले में स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष स्टॉल लगाए जाएंगे। मुख्य विकास अधिकारी द्वारा स्टॉलों का आवंटन किया जाएगा। इनमें हाउस ऑफ हिमालया, महिला स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय उद्यमियों के उत्पादों को विशेष स्थान दिया जाएगा। जिलाधिकारी ने महोत्सव को प्लास्टिक मुक्त रखने के निर्देश देते हुए कहा कि आयोजन स्थल और नगर क्षेत्र में प्लास्टिक के उपयोग पर पूरी तरह रोक सुनिश्चित की जाए।
मां नंदा-सुनंदा के जयकारों से सरोवर नगरी को आध्यात्मिक आभा से भरने के साथ ही शहर को आकर्षक विद्युत रोशनी से सजाने की भी तैयारी है। नगर के प्रमुख स्थानों को रोशन करने के साथ ही ठंडी सड़क क्षेत्र में विशेष प्रकाश व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए नगर पालिका को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
महोत्सव के दौरान नैनीताल पहुंचने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सफाई, पेयजल और शौचालय समेत अन्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं। नगर पालिका को पूरे शहर में विशेष सफाई व्यवस्था बनाए रखने और पर्याप्त संख्या में मोबाइल टॉयलेट की व्यवस्था करने को कहा गया है।
महोत्सव की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहेगा। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस विभाग को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ ही सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से मेले और प्रमुख स्थलों की सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी और आवश्यक पुलिस बल की तैनाती की जाएगी।
नंदा देवी महोत्सव के दौरान नैनीताल में धार्मिक आस्था का अद्भुत वातावरण देखने को मिलता है। मां नंदा और सुनंदा को कुमाऊं की आराध्य देवी के रूप में श्रद्धा से पूजा जाता है। महोत्सव के दौरान मंदिर परिसर से लेकर नगर की गलियों तक भक्ति और उल्लास का वातावरण रहता है। मां के जयकारों से गूंजती सरोवर नगरी में श्रद्धालुओं की आस्था, पहाड़ की लोक परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का अद्भुत संगम देखने को मिलता है।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पांडे, पुलिस अधीक्षक यातायात जगदीश चंद्र, अपर जिलाधिकारी सौरभ असवाल, सचिव जिला विकास प्राधिकरण मनीष कुमार, उप जिलाधिकारी नवाजिश खालिक, पुलिस उपाधीक्षक रविकांत सेमवाल, सांसद प्रतिनिधि गोपाल रावत, श्री राम सेवा समिति के अध्यक्ष मनोज शाह, सचिव जगदीश बवाड़ी, प्रबंधक विमल चौधरी, पूर्व अध्यक्ष मुकेश जोशी, होटल एसोसिएशन अध्यक्ष दिग्विजय बिष्ट, व्यापार संघ अध्यक्ष मारुति नंदन शाह, सचिव शिव शंकर, डीएसए सचिव मनोज जोशी और दयाकिशन पोखरिया सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

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