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1.85 करोड़ की स्मैक के साथ दो सगे भाई गिरफ्तार, राजस्थान से हल्द्वानी लाई गई थी खेप!

काठगोदाम में होने वाली थी बड़ी डिलीवरी, 618 ग्राम स्मैक और इलेक्ट्रॉनिक तराजू बरामद!

दर्पण न्यूज 24/7 हल्द्वानी। उत्तराखंड को नशामुक्त बनाने के अभियान के तहत पुलिस ने अंतरराज्यीय स्मैक तस्करी के एक बड़े नेटवर्क पर करारा प्रहार किया है। एसओजी और काठगोदाम पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में राजस्थान से हल्द्वानी लाई जा रही करीब 1.85 करोड़ रुपये मूल्य की 618 ग्राम स्मैक के साथ दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपी काठगोदाम रेलवे स्टेशन क्षेत्र में स्मैक की खेप सप्लाई करने की फिराक में थे।

बहुद्देशीय भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में एसएसपी डा. मंजूनाथ टीसी ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 4 जून को चलाए गए विशेष चेकिंग अभियान के दौरान मुखबिर की सटीक सूचना पर पश्चिमी खेड़ा स्थित इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप के समीप निर्माणाधीन भवन के पास दो संदिग्धों को दबोच लिया गया। तलाशी में उनके कब्जे से 618 ग्राम स्मैक, एक इलेक्ट्रॉनिक तराजू तथा राजस्थान नंबर की हुंडई ऑरा कार बरामद हुई।

गिरफ्तार तस्करों की पहचान राजस्थान के भरतपुर निवासी गजब सिंह (27) और उसके बड़े भाई सीताराम (37) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार गजब सिंह के पास से 311 ग्राम तथा सीताराम के पास से 307 ग्राम स्मैक बरामद हुई। दोनों के खिलाफ कोतवाली काठगोदाम में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

पूछताछ में खुलासा हुआ कि सीताराम टैक्सी चालक है और उसका ससुराल मुक्तेश्वर के जाड़ापानी क्षेत्र में है। दोनों भाई राजस्थान से स्मैक लेकर हल्द्वानी पहुंचे थे और काठगोदाम रेलवे स्टेशन के आसपास किसी व्यक्ति को इसकी सप्लाई देने वाले थे। इसके बाद उनका मुक्तेश्वर जाने का कार्यक्रम था।

जांच में यह भी सामने आया है कि गजब सिंह के खिलाफ राजस्थान में आबकारी अधिनियम और एनडीपीएस एक्ट के कई मुकदमे पहले से दर्ज हैं। वहीं सीताराम के आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटाई जा रही है।

एसएसपी ने इस कार्रवाई को जनपद में नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता बताते हुए पुलिस टीम को 2500 रुपये नकद पुरस्कार देने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 में चलाए जा रहे “मिशन ड्रग फ्री देवभूमि” अभियान के तहत अब तक 31 मामलों में 35 नशा तस्करों की गिरफ्तारी कर 2.181 किलोग्राम से अधिक स्मैक बरामद की जा चुकी है। इसके अलावा चरस, गांजा, डोडा और नशीले इंजेक्शनों की तस्करी के मामलों में भी कई आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा गया है।

“मिशन ड्रग फ्री देवभूमि के तहत पुलिस का शिकंजा लगातार कस रहा है। राजस्थान से हल्द्वानी तक फैले नशे के नेटवर्क पर यह कार्रवाई बड़ी चोट मानी जा रही है।”

उत्तराखंड