जेल में प्रधान… खाते से बहती रही रकम !
दरऊ पंचायत में ‘डिजिटल खेल’ ने खोली सिस्टम की पोल!
दर्पण न्यूज 24/7 ब्यूरो रुद्रपुर। ऊधमसिंहनगर जिले की किच्छा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत दरऊ ग्राम पंचायत में करोड़ों की योजनाओं के बीच अब लाखों के भुगतान का ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पंचायत व्यवस्था की पारदर्शिता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। जेल में बंद ग्राम प्रधान के डिजिटल सिग्नेचर से भुगतान होने के आरोप ने प्रशासनिक सिस्टम की कार्यप्रणाली की पोल खोल दी है।
किच्छा विधायक तिलकराज बेहड़ ने खुलासा करते हुए आरोप लगाया कि दरऊ ग्राम पंचायत की प्रधान नाजिया बी 13 दिसंबर 2025 से पौड़ी जेल में निरुद्ध हैं, बावजूद इसके 30 दिसंबर 2025 से 24 फरवरी 2026 के बीच उनके डिजिटल सिग्नेचर (डीएससी) का इस्तेमाल कर 14 बिलों के माध्यम से 10,39,535 रुपये का भुगतान कर दिया गया।
जेल में हस्ताक्षर, बाहर भुगतान!
आरोप है कि अलग-अलग तिथियों में हजारों से लेकर लाखों रुपये तक की धनराशि जारी की गई। विधायक का कहना है कि जेल जाने के बाद डिजिटल सिग्नेचर तत्काल निरस्त होना चाहिए था, लेकिन सिस्टम में वह सक्रिय बना रहा।
मामले को और संदिग्ध बनाते हुए नाजिया बी के नाम से एक कथित पत्र तैयार किया गया, जिसमें पैर में फ्रैक्चर का हवाला देकर उनके पति गफ्फार खान को प्रतिनिधि नियुक्त दर्शाया गया। हैरत की बात यह रही कि पत्र किसी अधिकारी को संबोधित ही नहीं था, फिर भी उसी आधार पर भुगतान प्रक्रिया पूरी कर दी गई।
“नियम बंद, भुगतान चालू”
बेहड़ ने तीखा सवाल उठाया कि जब प्रधान जेल में थीं तो आखिर किसके संरक्षण में डिजिटल सिग्नेचर का इस्तेमाल होता रहा। उन्होंने ब्लॉक स्तर से लेकर उच्च अधिकारियों तक की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
उन्होंने चेतावनी दी कि तीन दिन के भीतर दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वह जिलाधिकारी कार्यालय में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेंगे।
जांच के आदेश
मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी ने कहा कि डिजिटल सिग्नेचर का उपयोग किसी अन्य व्यक्ति द्वारा किया जाना संभव नहीं है। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीपीआरओ को जांच के निर्देश दिए गए हैं तथा तीन दिन में रिपोर्ट मांगी गई है।
दरऊ पंचायत का बड़ा सवाल —
प्रधान जेल में थीं,
फिर किसके ‘डिजिटल हाथ’ से खुलता रहा खजाना?
अब यह मामला सिर्फ भुगतान का नहीं, बल्कि पंचायत सिस्टम में जवाबदेही और निगरानी की असली परीक्षा बन चुका है।
