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भारत की एआई क्रांति पर गूगल का ‘मेगा दांव’
समुद्र के नीचे केबल से जुड़ेगा भारत-अमेरिका, 2 करोड़ लोक सेवकों को मिलेगा क्लाउड प्लेटफॉर्म!
नयी दिल्ली। भारत की कृत्रिम मेधा (एआई) क्षमता पर बड़ा भरोसा जताते हुए सुंदर पिचाई ने भारत-अमेरिका के बीच समुद्र के भीतर नया केबल नेटवर्क बिछाने की ऐतिहासिक पहल की घोषणा की है। यह परियोजना भारत, अमेरिका और दक्षिणी गोलार्ध के अन्य देशों के बीच एआई आधारित डिजिटल कनेक्टिविटी को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।
भारत मंडपम में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में पहुंचे पिचाई ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात के बाद कहा, “एआई हमारे जीवनकाल का सबसे बड़ा बदलाव है। भारत जैसे देशों के लिए यह ऐतिहासिक अवसर है, जिससे पुरानी कमियों को दूर कर नई संभावनाओं के द्वार खोले जा सकते हैं।”
‘इंडिया-अमेरिका कनेक्ट’ पहल का ऐलान!
पिचाई ने ‘इंडिया-अमेरिका कनेक्ट’ इनिशिएटिव के तहत समुद्र के नीचे नए केबल मार्ग बिछाने की परियोजना की घोषणा की। इससे भारत में गीगावाट स्तर की कंप्यूट क्षमता और उन्नत एआई इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने भारत में 15 अरब डॉलर के एआई केंद्र की पूर्व घोषणा का भी जिक्र किया, जिससे रोजगार सृजन और अत्याधुनिक तकनीकी विकास को बल मिलेगा।
800 जिलों के 2 करोड़ लोक सेवकों को क्लाउड मंच!
गूगल ने कर्मयोगी भारत के साथ साझेदारी कर देश के 800 जिलों में दो करोड़ से अधिक लोक सेवकों को क्लाउड अवसंरचना मंच उपलब्ध कराने की घोषणा की। यह कदम सरकारी सेवाओं को अधिक पारदर्शी, तेज और प्रभावी बनाएगा।
स्कूलों और युवाओं पर विशेष फोकस!
अटल टिंकरिंग लैब्स के साथ मिलकर 10,000 स्कूलों में जनरेटिव एआई उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।
अंग्रेजी और हिंदी में गूगल एआई प्रोफेशनल सर्टिफिकेट कार्यक्रम शुरू किया जाएगा।
‘एआई फॉर साइंस इम्पैक्ट चैलेंज’ के तहत 3 करोड़ डॉलर की वैश्विक अनुसंधान सहायता दी जाएगी।
एआई से स्वास्थ्य और कृषि में बदलाव!
पिचाई ने कहा कि एआई स्वास्थ्य जांच में सुधार, किसानों को रियल टाइम जानकारी और चेतावनी देने जैसी बड़ी चुनौतियों का समाधान कर सकती है। भारत की भाषाई विविधता और मजबूत डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर इसे एआई नवाचार का वैश्विक मॉडल बना सकता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि एआई अपनाते समय विश्वास, सुरक्षा और समावेशन सर्वोपरि होने चाहिए।
पीएम मोदी से एआई सहयोग पर चर्चा!
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए कहा कि भारत के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों और पेशेवरों के साथ गूगल किस प्रकार सहयोग कर सकती है, इस पर सकारात्मक चर्चा हुई।
समिट में 20 से अधिक राष्ट्राध्यक्ष, 60 मंत्री और 500 वैश्विक एआई विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं।
युवाओं के लिए सुनहरा दशक: डेमिस हसाबिस!
डेमिस हसाबिस, सीईओ Google DeepMind, ने भारतीय युवाओं के उत्साह की सराहना करते हुए कहा कि यदि वे एआई उपकरणों में महारत हासिल कर लें तो आने वाला दशक उनके लिए ऐतिहासिक साबित होगा।
उन्होंने कहा, “जैसे कंप्यूटर, इंटरनेट और मोबाइल क्रांति ने दुनिया बदली, वैसे ही एआई युग में जो पीढ़ी आगे होगी, वही भविष्य गढ़ेगी — और भारत के युवा इस परिवर्तन के अगुवा बन सकते हैं।”
भारत अब केवल डिजिटल उपभोक्ता नहीं, बल्कि एआई नवाचार का वैश्विक केंद्र बनने की ओर बढ़ रहा है। गूगल की यह बहुस्तरीय पहल देश को तकनीकी, आर्थिक और शैक्षणिक दृष्टि से नई उड़ान देने वाली साबित हो सकती है।