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किसान मजबूत होगा तो देश मजबूत होगा : चौधरी ऋषिपाल अंबावता!
भारतीय किसान यूनियन अंबावता के राष्ट्रीय अधिवेशन एवं चिंतन शिविर में किसानों की समस्याओं पर हुआ मंथन!
दर्पण न्यूज 24/7 ब्यूरो, हरिद्वार।
हरिद्वार के अलकनंदा मैदान में आयोजित भारतीय किसान यूनियन अंबावता के राष्ट्रीय अधिवेशन एवं चिंतन शिविर के दूसरे दिन किसानों की समस्याओं, कृषि संकट और किसान हितों से जुड़े मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई। इस अवसर पर यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी ऋषिपाल अंबावता ने कहा कि भारत कृषि प्रधान देश है और किसान ही देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। यदि किसान मजबूत होगा तो देश भी मजबूत होगा।
उन्होंने कहा कि आज किसान बढ़ती लागत, महंगी खाद, बिजली और कर्ज के बोझ से परेशान है। किसान लगातार अपनी समस्याओं को लेकर आवाज उठा रहा है, लेकिन सरकार किसानों की मांगों के प्रति गंभीर नहीं दिखाई दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार गैस और पेट्रोलियम उत्पादों के दाम बढ़ा रही है, जबकि किसानों को उनकी फसलों का लाभकारी मूल्य देने में आनाकानी कर रही है।
चौधरी अंबावता ने कहा कि भारतीय किसान यूनियन अंबावता किसी राजनीतिक दल से जुड़ी नहीं है। देश का किसान ही संगठन की ताकत और नेतृत्व है। उन्होंने सरकार से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर फसल खरीद की कानूनी गारंटी देने की मांग करते हुए कहा कि यदि किसानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो संगठन दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ा आंदोलन करेगा।
उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह और किसान नेता महेंद्र सिंह टिकैत को अपना आदर्श बताते हुए कहा कि दोनों नेताओं के संघर्ष और विचार किसानों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। किसान हितों की रक्षा के लिए संगठन निरंतर संघर्षरत रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों की उपेक्षा जारी रही तो वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों में भाजपा का विरोध किया जाएगा।
अधिवेशन में उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष सुभाष चौधरी सहित विभिन्न राज्यों से आए किसान नेताओं ने भी अपने विचार रखे और किसानों की एकजुटता पर बल दिया।
कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय महासचिव रामपाल सिंह अंबावता ने किया। इस दौरान प्रवीण अंबावता, सचिन चौधरी, सुरेंद्र सिंह, जोगेंद्र सिंह, रविंद्र प्रधान, अनिल चौधरी, दिलबाग हुड्डा, चुहड़ सिंह रावत, रमन पंवार, नसीर खान, परशुराम प्रधान, तौफीक, रामानुज सिंह, धीरेंद्र रावत, अमृत सिंह, अशोक मिश्रा, महीपाल सिंह, नीलकमल पांडे सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं हजारों किसान उपस्थित रहे।

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