“दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने युवाओं को दिया ऐसा मंत्र, जिसे सुनकर बदल सकती है आपकी किस्मत!”
दर्पण न्यूज 24/7
अल्मोड़ा। सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय (एसएसजे) के प्रथम दीक्षांत समारोह में उस समय उत्साह का माहौल बन गया जब उत्तराखंड के राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल (सेनि.) गुरमीत सिंह ने युवाओं को भविष्य की सबसे बड़ी ताकत बताने वाले क्षेत्रों में दक्षता हासिल करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आने वाला समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), साइबर सिक्योरिटी और सूचना प्रौद्योगिकी का है, इसलिए युवा अभी से इन क्षेत्रों में खुद को तैयार करें।
अल्मोड़ा परिसर के विवेकानंद सभागार में आयोजित विश्वविद्यालय के पहले दीक्षांत समारोह में विभिन्न संकायों के विद्यार्थियों को उपाधियां और पदक प्रदान किए गए। राज्यपाल ने 15 मेधावी विद्यार्थियों को पदक देकर सम्मानित किया, जबकि विभिन्न विषयों के 48 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। स्वर्ण पदकों के साथ पांच विद्यार्थियों को प्रायोजित स्मृति स्वर्ण पदकों से भी सम्मानित किया गया।
समारोह के दौरान राज्यपाल ने विश्वविद्यालय द्वारा विकसित ‘विधि सहयोगी’ एप तथा पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के शिक्षक डॉ. ललित चंद्र जोशी की पुस्तक ‘पत्रकारिता: संभावनाएं, भविष्य एवं चुनौतियां’ का भी विमोचन किया। उन्होंने विश्वविद्यालय में स्थापित नवाचार एवं शोध केंद्रों की सराहना करते हुए कहा कि एसएसजे विश्वविद्यालय शिक्षा, अनुसंधान और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि केवल डिग्री हासिल करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि शिक्षा के साथ मूल्य और अनुभव भी जीवन में सफलता की मजबूत आधारशिला बनते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से ‘लोकल टू ग्लोबल’ सोच विकसित करने और अपने ज्ञान का उपयोग समाज व राष्ट्र निर्माण में करने का आह्वान किया।
कुलपति प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने शोध गतिविधियों, शैक्षणिक गुणवत्ता और विस्तार योजनाओं की जानकारी देते हुए विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
इस अवसर पर राज्यपाल ने एक रोचक प्रसंग साझा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के पिता और उन्होंने सेना में एक साथ काम किया था और आज वह तथा मुख्यमंत्री प्रदेश के विकास के लिए साथ मिलकर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने इसे एक सुखद संयोग बताया।
राज्यपाल ने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय के विकास कार्यों के लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा और नवाचार के माध्यम से देश को वर्ष 2047 तक विश्वगुरु बनाने का लक्ष्य हासिल किया जाएगा।
समारोह में विधायक मनोज तिवारी, महापौर अजय वर्मा, कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दीवान सिंह रावत, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, शिक्षाविद्, शोधार्थी, शिक्षक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
