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“क्या उत्तराखंड में बेअसर हो रहा आयुष्मान? तेज सिंह बिष्ट की पीड़ा ने खड़े किए स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़े सवाल”

‘हाई सेंटर रेफर करो, फिर इलाज से इनकार करो’—सोशल मीडिया पर फूटा आक्रोश, स्वास्थ्य मंत्री से मांगा जवाब।

दर्पण न्यूज 24/7 हल्द्वानी।
उत्तराखंड की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े होने लगे हैं। इस बार ये सवाल किसी विपक्षी नेता ने नहीं, बल्कि आम नागरिक तेज सिंह बिष्ट ने अपनी फेसबुक वॉल पर वीडियो संदेश के माध्यम से उठाए हैं।
तेज सिंह बिष्ट ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि राज्य के अस्पताल मरीजों को लगातार उच्च संस्थानों के लिए रेफर कर रहे हैं, लेकिन जब मरीज इलाज के लिए बाहर पहुंचते हैं तो उन्हें आयुष्मान योजना के लाभ को लेकर परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि प्रदेश के अस्पताल इलाज देने में सक्षम नहीं हैं और मरीजों को बाहर भेजा जा रहा है, तो फिर रेफर किए गए मरीजों को आयुष्मान योजना का पूरा लाभ क्यों नहीं मिल पा रहा?
अपने वीडियो संदेश में बिष्ट ने सीधे स्वास्थ्य मंत्री से जवाब मांगते हुए कहा कि आखिर ऐसी स्थिति क्यों पैदा हो रही है कि मरीज और उनके परिजन इलाज के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य व्यवस्था की खामियों का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
तेज सिंह बिष्ट ने चेतावनी भी दी कि यदि इस तरह की शिकायतों का समाधान नहीं हुआ तो जनता को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ सकता है। उन्होंने प्रदेशवासियों से भी इस मुद्दे को उठाने और सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने की अपील की।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली और आयुष्मान योजना के धरातलीय क्रियान्वयन को लेकर नई बहस छेड़ दी है। अब निगाहें सरकार और स्वास्थ्य विभाग पर टिकी हैं कि वे इन आरोपों और सवालों का क्या जवाब देते हैं।

कुल मिलाकर “जब इलाज के लिए मरीजों को पहाड़ से मैदान और मैदान से दूसरे राज्यों तक दौड़ाया जाए, तो सवाल सिर्फ व्यवस्था पर नहीं, व्यवस्था की संवेदनशीलता पर भी उठते हैं। तेज सिंह बिष्ट की पीड़ा व्यक्तिगत नहीं, बल्कि उस आम आदमी की आवाज है जो सरकारी योजनाओं के भरोसे जीवन बचाने की उम्मीद करता है।”

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