जलभराव वाले क्षेत्रों में ही मिलेगी ग्रीष्मकालीन धान की अनुमति, अवैध नर्सरी पर चलेगा सख्त अभियान!
दर्पण न्यूज 24/7 ब्यूरो रुद्रपुर। उधम सिंह नगर में ग्रीष्मकालीन धान की अवैध नर्सरी पर अब सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि वर्ष 2025 के बाद जिले में ग्रीष्मकालीन धान की नर्सरी तैयार करना और रोपाई करना प्रतिबंधित है। इसके बावजूद यदि कहीं अवैध रूप से नर्सरी तैयार की जा रही है तो उन्हें प्राथमिकता के आधार पर नष्ट किया जाएगा।
हालांकि जिन क्षेत्रों या खेतों में जलभराव की स्थिति बनी रहती है और जहां मक्का जैसी फसल उगाना संभव नहीं है, वहां किसानों को विशेष अनुमति के तहत ग्रीष्मकालीन धान की नर्सरी लगाने और रोपाई करने की छूट दी जाएगी। इसके लिए किसानों को कृषि विभाग के विकासखंड अथवा न्याय पंचायत स्तर के कार्यालयों और राजस्व विभाग में आवेदन करना होगा।
प्राप्त आवेदनों का कृषि विभाग एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम द्वारा स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण के बाद उपजिलाधिकारी की संस्तुति पर ही अनुमति जारी होगी। यदि निरीक्षण में खेत उपयुक्त नहीं पाए गए तो आवेदन निरस्त कर संबंधित किसान को लिखित सूचना दी जाएगी।
जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि अनुमति केवल उन्हीं खेतों को दी जाएगी जहां जलभराव के कारण वैकल्पिक फसल संभव नहीं है। पूरे गांव या पूरे क्षेत्र को सामूहिक रूप से अनुमति नहीं दी जाएगी।
प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अवैध नर्सरियों को चिन्हित कर अभियान चलाते हुए नष्ट किया जाए और आदेशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
