हंगामेदार रही भैंसियाछाना की पहली बीडीसी बैठक!
सड़क, सिंचाई और जंगली जानवरों के आतंक पर जनप्रतिनिधियों का फूटा गुस्सा!
दर्पण न्यूज 24/7 संवाददाता अल्मोड़ा। विकासखंड भैंसियाछाना के सभागार में आयोजित पहली क्षेत्र पंचायत (बीडीसी) बैठक हंगामेदार रही। ब्लॉक प्रमुख नीमा आर्या की अध्यक्षता और मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) रामशरण शर्मा की उपस्थिति में हुई बैठक में ग्राम प्रधानों और क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने सड़क, पानी, कृषि, सिंचाई तथा जंगली जानवरों के आतंक को लेकर अधिकारियों को जमकर घेरा।
ब्लॉक प्रमुख नीमा आर्या ने बाड़ेछीना से सेराघाट मोटर मार्ग के क्षतिग्रस्त होने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। ग्राम प्रधान कुंजरतौड़ा ने गैराड़ से दिपदिया रोड निर्माण की मांग रखी। क्षेत्र पंचायत सदस्य दियारी ने धौलछीना–पनेट–पथखानी कच्ची सड़क में डामरीकरण कराने तथा विमल कोड शक्तिपीठ मंदिर को पर्यटन के नक्शे में शामिल करने की मांग की। प्रधान हटौला ने खुडियारी मोटर मार्ग की बदहाल स्थिति पर नाराजगी जताई।
कृषि और उद्यान विभाग की लचर कार्यप्रणाली भी सदन के निशाने पर रही। जनप्रतिनिधियों ने एक स्वर में कहा कि गांवों में बंदरों और सुअरों ने खेती को चौपट कर दिया है। उन्होंने इसके लिए ठोस कार्ययोजना बनाने और बाड़ लगाने की मांग की। क्षेत्र पंचायत सदस्य पल्यू ने शिकायत की कि काश्तकारों को समय पर बीज उपलब्ध नहीं हो रहे हैं, जिससे उन्हें बाजार से महंगे हाइब्रिड बीज खरीदने पड़ रहे हैं।
बिजली व्यवस्था पर भी नाराजगी दिखी। ग्राम प्रधान कुंजरतौड़ा ने कहा कि उनके क्षेत्र में बिजली के तार झूल रहे हैं, जो खतरे का सबब बने हैं। ब्लॉक प्रमुख ने बताया कि सिरमोली में ट्रांसफार्मर लगने के बाद भी अब तक कनेक्शन नहीं जोड़ा गया है। बमनतिलाड़ी प्रधान ने सड़े-गले पोल बदलने और नए पोल लगाने की मांग की, जबकि क्षेत्र पंचायत पल्यूं ने कलोन में अधूरी लाइन को पूरा करने की बात कही।
जल जीवन मिशन (जेजेएम) के कार्यों पर भी प्रधानों ने असंतोष जताया। ग्राम सभा दिगोली में पाइपलाइन बिछने के बावजूद जलापूर्ति ठप बताई गई। यही हाल सल्यूड़ी क्षेत्र का भी बताया गया। क्षेत्र पंचायत सदस्य सुपई ने कहा कि उटियां में जेजेएम का काम अधूरा पड़ा है।
शिक्षा और सिंचाई से जुड़ी समस्याएं भी उठीं। ग्राम प्रधान जिंगल ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय का भवन जर्जर हालत में है, जिसमें 19 बच्चे जान जोखिम में डालकर पढ़ रहे हैं। डुगरलेख और भनौली के स्कूल भवन भी क्षतिग्रस्त बताए गए। ग्राम प्रधान कुंज किमौला ने कहा कि उनकी क्षेत्र की कुंजर किमौला नहर पूरी तरह क्षतिग्रस्त है और आठ किमी लंबी नहर का अब तक किसी अधिकारी ने निरीक्षण नहीं किया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 15 दिन में समाधान नहीं हुआ तो वे उग्र कदम उठाने को मजबूर होंगे, जिस पर सीडीओ ने मामले को संज्ञान में लेते हुए अधिकारियों को 15 दिन के भीतर समस्या के निस्तारण के निर्देश दिए।
बैठक में सीडीओ रामशरण शर्मा ने सभी रेखीय विभागों के अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाई गई समस्याओं का समयबद्ध समाधान करने के निर्देश दिए। इस दौरान डीडीओ संतोष कुमार पंत, डीपीआरओ राजेंद्र गुंज्याल, एई (सिंचाई) मनीष तिवारी, मुख्य शिक्षा अधिकारी डॉ. रवि मेहता, स्वास्थ्य विभाग से डॉ. नरेंद्र कुमार, रेशम विभाग से संजय काला सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
अंत में ब्लॉक प्रमुख नीमा आर्या ने सफल बैठक के लिए सभी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों का आभार जताया तथा सभी से शालीनता के साथ समस्याएं रखने और दलगत राजनीति से ऊपर उठकर क्षेत्र के विकास के लिए एकजुट रहने की अपील की।
